BCCI का बड़ा दांव, एक साल तक बढ़ सकता है अजीत अगरकर का कार्यकाल; सामने आई अहम जानकारी
अजीत अगरकर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की तरफ से एक बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. दरअसल, उनका कार्यकाल जून 2027 तक बढ़ सकता है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल इस साल जून में खत्म हो रहा है, लेकिन अब खबर है कि बोर्ड उनका कॉन्ट्रैक्ट जून 2027 तक बढ़ाने की पूरी तैयारी में है। बता दें कि बोर्ड अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए अगरकर पर ही भरोसा बनाए रखना चाहता है।
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने शानदार कामयाबी हासिल की है। टीम ने उनके रहते टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और फिर टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे तीन बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए। साथ ही, 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी टीम फाइनल तक पहुंची थी. हालांकि, फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार झेलनी पड़ी।
अगरकर का बढ़ सकता है कार्यकाल
BCCI के एक अधिकारी ने 'इंडियन एक्सप्रेस' से बात करते हुए बताया कि बोर्ड अगरकर के काम करने के तरीके से काफी खुश है। उनके रहते टीम में बदलाव का दौर बहुत ही आसानी से निकल गया और उन्होंने कई कड़े और निडर फैसले भी लिए। अब आईपीएल मैचों के दौरान बोर्ड के अधिकारी उनसे मुलाकात कर इस बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम टेस्ट फॉर्मेट में रही फिसड्डी
अगरकर का कार्यकाल किसी रोलर-कोस्टर राइड जैसा रहा है। जहां एक तरफ टीम ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में जमकर सफलता बटोरी, वहीं टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। घरेलू सरजमीं भारत को पहले न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से शिकस्त मिली और फिर ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम की तरफ से शर्मनाक प्रदर्शन देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया के खिलाफ 4-1 से सीरीज जीती थी.
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अगरकर के दौर की सबसे बड़ी चर्चा रही भारतीय क्रिकेट का 'रोहित-विराट' युग का खत्म होना। 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद इन दोनों दिग्गजों ने टी20 को अलविदा कहा और फिर पिछले साल इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया।
अगरकर ने नए कंधों पर सौंपी टीम की जिम्मेदारी
अगरकर ने टीम की कमान भी नए हाथों में सौंपी। उन्होंने शुभमन गिल को टेस्ट और वनडे का कप्तान बनाया, जबकि सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम की जिम्मेदारी दी। वैसे तो हार्दिक पांड्या टी20 कप्तानी की रेस में सबसे आगे थे, लेकिन अगरकर ने सूर्या के नाम पर दांव खेला। उनका मानना था कि टीम को एक ऐसा कप्तान चाहिए जो हर मैच के लिए फिट और उपलब्ध रहे और हार्दिक की फिटनेस को लेकर वे थोड़े दुविधा में थे।
अगरकर की अगुआई में कमेटी ने लिए कई तगड़े फैसले
अगरकर की अगुवाई में सिलेक्शन कमेटी ने कई कड़े और साहसी फैसले लेने का भी काम किया है, जिनमें से कुछ सही साबित हुए तो कुछ ने निराश किया। एशिया कप 2026 में शुभमन गिल की अचानक एंट्री ऐसा ही एक फैसला था। इसके पीछे का मकसद उन्हें वर्ल्ड कप के लिए तैयार करना था, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया।
गिल के आने से फॉर्म में चल रहे संजू सैमसन को मिडिल ऑर्डर में खेलना पड़ा, जिससे उनकी लय बिगड़ गई। खुद गिल भी फ्लॉप रहे और अंत में उन्हें वर्ल्ड कप टीम से बाहर होना पड़ा, जिसके बाद सैमसन ने बतौर ओपनर वापसी की और शानदार खेल दिखाया।
इसी तरह, कमेटी ने इशान किशन पर भी बड़ा दांव खेला। 2023 से टीम से बाहर चल रहे इशान को डोमेस्टिक क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन के आधार पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए वापस बुलाया गया। उन्हें यशस्वी जायसवाल और जितेश शर्मा जैसे खिलाड़ियों पर तरजीह देते हुए वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह दी गई।
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