3 बड़े कारण क्यों वीवीएस लक्ष्मण का चीफ सेलेक्टर बनना रोहित-विराट के लिए साबित हो सकता है फायदेमंद
भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की छुट्टी होने की खबरें चर्चा में है और उनकी जगह भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण के नया मुख्य चयनकर्ता बनने की संभावना है।

Future of Rohit and Virat after VVS Laxman: भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद को लेकर अटकलों के बीच वीवीएस लक्ष्मण का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अगर आने वाले समय में BCCI उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपती है, तो इसका असर सिर्फ चयन समिति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टीम इंडिया के कई सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर भी पड़ सकता है।
खासतौर पर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के लिए लक्ष्मण का चीफ सेलेक्टर बनना एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। रोहित और विराट के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा है। इसी बीच लक्ष्मण की एन्ट्री उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है, तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं 3 वजह, क्यों लक्ष्मण की एन्ट्री से टीम इंडिया के इन दोनों दिग्गजों के लिए संजीवनी प्रदान होगी।
#1. सीनियर खिलाड़ियों की समझते हैं अहमियत
वीवीएस लक्ष्मण का क्रिकेटिंग नजरिया हमेशा संतुलित रहा है। वह सिर्फ किसी खिलाड़ी की उम्र के आधार पर फैसला लेने के बजाय उसकी मौजूदा फॉर्म, फिटनेस, अनुभव और टीम में योगदान को अधिक महत्व देते हैं। अपने कोचिंग कार्यकाल के दौरान भी लक्ष्मण ने कई बार इस बात पर जोर दिया कि बड़े मैचों में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम के लिए बेहद अहम होती है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी सालों तक इंटरनेशनल क्रिकेट में दबाव झेल चुके हैं और कई बड़े टूर्नामेंट जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में अगर लक्ष्मण भविष्य में चीफ सेलेक्टर बनते हैं, तो माना जा सकता है कि वह चयन के दौरान ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों के रिकॉर्ड, मैच विनिंग क्षमता और टीम पर उनके प्रभाव को भी बराबर महत्व देंगे।
#2. वर्ल्ड कप में अनुभव को तवज्जों
अगर वीवीएस लक्ष्मण टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर बनते हैं, तो उनके चयन के नजरिए में अनुभव एक अहम भूमिका निभा सकता है। क्रिकेट के सबसे बड़े मंच यानी वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में सिर्फ मौजूदा फॉर्म ही नहीं, बल्कि दबाव झेलने की क्षमता और बड़े मैचों का अनुभव भी काफी मायने रखता है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों ने कई आईसीसी टूर्नामेंट खेले हैं और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने का अनुभव रखते हैं। ऐसे में अगर किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए टीम चुनी जाती है, तो लक्ष्मण अनुभव और युवा खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाने को प्राथमिकता दे सकते हैं।
#3. रोहित-विराट को करीब से जानना
वीवीएस लक्ष्मण का भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारों रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ लंबे समय से पेशेवर जुड़ाव रहा है। बतौर खिलाड़ी भले ही उन्होंने इन दोनों के साथ ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन कोचिंग और क्रिकेट प्रशासन से जुड़ी भूमिकाओं में उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के साथ करीब से काम किया है। लक्ष्मण ने कई विदेशी दौरों और सीमित ओवरों की सीरीज में टीम इंडिया के अंतरिम हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली, जहां उन्हें रोहित और विराट के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और उनके काम करने के तरीके को समझने का मौका मिला। इसके अलावा, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख के रूप में भी वह भारतीय क्रिकेट के सीनियर और युवा खिलाड़ियों के साथ लगातार जुड़े रहे हैं। ऐसे में अगर भविष्य में उन्हें चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी मिलती है, तो रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की फिटनेस, फॉर्म, मानसिक मजबूती और बड़े मैचों में उनकी उपयोगिता का आकलन वह बेहतर तरीके से कर सकते हैं।