डेब्यू टेस्ट में ही रचा ऐसा इतिहास, 123 साल से कोई नहीं तोड़ पाया ये वर्ल्ड रिकॉर्ड!
इंटरनेशनल क्रिकेट में टेस्ट फॉर्मेट सबसे चैलेंजिंग माना जाता है। इस प्रारूप में किसी बल्लेबाज के लिए डेब्यू मैच में ही शतक का दोहरा शतक बनाना किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं होता है।

Highest score in a debut Test: टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करना ही किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सपना होता है, लेकिन अगर पहली ही परीक्षा में बल्ला ऐसा बोल जाए कि इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज हो जाए, तो वह पल हमेशा के लिए यादगार बन जाता है। क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई बल्लेबाजों ने अपने पहले टेस्ट में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन एक बल्लेबाज ने डेब्यू मैच में ऐसा कारनामा कर दिखाया था, जिसकी गूंज 123 साल बाद भी सुनाई देती है।
टेस्ट डेब्यू पर ऐतिहासिक कारनामा करने वाला बल्लेबाज
पहली ही टेस्ट में बना यह रिकॉर्ड इतना खास था कि इसके बाद दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाज आए और गए, लेकिन कोई भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को दोहरा नहीं सका। डॉन ब्रैडमैन से लेकर सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, रिकी पोंटिंग और जैक कैलिस के साथ ही विराट कोहली, जो रूट, केन विलियमसन और स्टीव स्मिथ जैसे बल्लेबाज आए। लेकिन इनमें से कोई डेब्यू मैच में वो रिकॉर्ड नहीं तोड़ सका। आखिर कौन था वह बल्लेबाज और डेब्यू टेस्ट में उसने ऐसा क्या कर दिया था?
डेब्यू टेस्ट मैच में आर. ई. फॉस्टर के नाम है सबसे बड़ी पारी
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में डेब्यू मैच में ही दोहरा शतक लगाना अपने आप में बेहद खास उपलब्धि है, लेकिन इंग्लैंड के आर. ई. फॉस्टर ने 1903 में जो किया, वह आज भी एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड बना हुआ है। 11 दिसंबर 1903 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू में फॉस्टर ने ऐसी पारी खेली, जिसने उस दौर के क्रिकेट में तहलका मचा दिया। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 285 रन पर सिमटने के बाद इंग्लैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और टीम 73 रन पर 3 विकेट गंवा चुकी थी। इसी मुश्किल स्थिति में नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने उतरे फॉस्टर ने मोर्चा संभाला और देखते ही देखते ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी हो गए।
इंग्लैंड के इस खिलाड़ी ने डेब्यू मैच में बनाएं थे 287 रन
फॉस्टर ने करीब 419 मिनट तक बल्लेबाजी करते हुए 287 रन बनाए। उनकी इस मैराथन पारी में 37 चौके शामिल थे, जबकि उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं निकला। उपलब्ध स्कोरकार्ड के मुताबिक उन्होंने 490 गेंदों का सामना किया था। फॉस्टर ने पहले लेन ब्रॉन्ड के साथ पांचवें विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी की और इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ भी शानदार साझेदारियां कीं। दिलचस्प बात यह रही कि इंग्लैंड की पारी के आखिरी दो विकेटों के लिए फॉस्टर ने कुल 245 रन जोड़े, जिसमें अल्बर्ट रील्फ के साथ 115 और विल्फ्रेड रोड्स के साथ 130 रन की साझेदारी शामिल थी।
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123 साल से कोई नहीं तोड़ सका है ये खास रिकॉर्ड
फॉस्टर की 287 रन की पारी ने उस समय टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का विश्व रिकॉर्ड भी बना दिया था। आज भी एक उपलब्धि ऐसी है जिसे कोई बल्लेबाज उनसे छीन नहीं पाया है—टेस्ट डेब्यू पर 287 रन का रिकॉर्ड। टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू पर सबसे बड़ी पारियों की सूची में फॉस्टर आज भी सबसे ऊपर हैं। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत इंग्लैंड ने पहली पारी में 577 रन बनाए और आखिरकार ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराया।




