5 साल का इंतजार, 78 मैचों का सूखा… फिर आया वो दिन जब सचिन ने ODI में ठोका पहला शतक!
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में 49 वनडे शतक लगाए। जिसमें उनका पहला वनडे शतक डेब्यू के 5 साल के बाद आया था।

Sachin Tendulkar's first ODI century: इंटरनेशनल क्रिकेट के 24 साल के मैराथन सफर में 100 शतक, वनडे क्रिकेट फॉर्मेट में भी जड़े 49 शतक....इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े सेंचुरी किंग भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट करियर में शतकों का शतक लगाया है, लेकिन उन्हें अपने पहले वनडे शतक के लिए 5 साल और 78 मैच का इंतजार करना पड़ा।
जब सचिन तेंदुलकर के बल्ले से निकला था पहला वनडे शतक
और फिर 9 सितंबर 1994 को वो दिन आया जब सचिन तेंदुलकर ने वनडे करियर में पहली बार बल्ला ऊंचा करने का मौका पाया और वो दिन उनके करियर का सबसे खास और यादगार दिन बन गया। आज वही दिन है...जब सचिन ने 32 साल पहले वनडे क्रिकेट का पहला शतक लगाया था।
9 सितंबर 1994 को डेब्यू के 5 साल और 78 मैचों के इंतजार के बाद जड़ी सेंचुरी
क्रिकेट की दुनिया में कुछ रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़े नहीं होते, बल्कि वे किसी महान खिलाड़ी के सफर का टर्निंग पॉइंट बन जाते हैं। 9 सितंबर 1994 भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसी ही तारीख है। आज ही के दिन एक ऐसे बल्लेबाज ने वनडे क्रिकेट में पहली बार शतक लगाया था, जिसने आगे चलकर इस फॉर्मेट में शतकों का ऐसा पहाड़ खड़ा किया कि पूरी दुनिया उसे ‘मास्टर ब्लास्टर’ के नाम से जानने लगी। दिलचस्प बात यह थी कि वनडे डेब्यू के करीब पांच साल बाद भी उनके बल्ले से सेंचुरी नहीं आई थी और उन्हें इसके लिए 78 मुकाबलों तक इंतजार करना पड़ा।
कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सचिन तेंदुलकर का पहला वनडे शतक
कोलंबो में खेली गई सिंगर वर्ल्ड सीरीज के मुकाबले में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम थी। सचिन तेंदुलकर इस मुकाबले में ओपनिंग करने उतरे और उन्होंने शुरुआत से ही अपनी बल्लेबाजी का अंदाज दिखाना शुरू कर दिया। मनोज प्रभाकर के साथ पारी की शुरुआत करने के बाद सचिन ने पहले नवजोत सिंह सिद्धू और फिर कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के साथ अहम साझेदारियां निभाईं। 130 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने 110 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। हालांकि उनकी पारी का अंत क्रेग मैकडरमॉट ने उन्हें बोल्ड करके किया, लेकिन तब तक सचिन इतिहास रच चुके थे।
यह भी पढ़े- 2026 में वनडे का असली बादशाह कौन? सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज
सचिन के शतक की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 246 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 215 रन पर ऑलआउट हो गई। मार्क वॉ ने 61 और डेविड बून ने 40 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय टीम ने मुकाबला 31 रन से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ सचिन का पहला वनडे शतक भी यादगार बन गया।
78 वनडे मैच में नहीं बना था कोई शतक
इस शतक से पहले सचिन 78 वनडे मुकाबलों में 32.70 की औसत से 2,126 रन बना चुके थे और उनके नाम 17 अर्धशतक थे। यानी आंकड़े बता रहे थे कि प्रतिभा में कोई कमी नहीं थी, बस उस एक बड़े शतक का इंतजार था। जैसे ही सेंचुरी का सूखा खत्म हुआ, इसके बाद सचिन ने वनडे क्रिकेट में पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके बल्ले से लगातार बड़ी पारियां निकलने लगीं और देखते ही देखते वह इस फॉर्मेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
मास्टर-ब्लास्टर ने वनडे करियर में ठोके कुल 49 शतक
आगे चलकर सचिन ने वनडे क्रिकेट में कुल 49 शतक लगाए और 18,000 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। उनके करियर की महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस खिलाड़ी को अपने पहले वनडे शतक के लिए 78 मैच इंतजार करना पड़ा था, उसी ने बाद में शतकों का ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे लंबे समय तक क्रिकेट की दुनिया में बेंचमार्क माना गया। 9 सितंबर 1994 का वह शतक सिर्फ एक सेंचुरी नहीं था, बल्कि सचिन के महान वनडे सफर की असली शुरुआत थी।