कौन हैं चिन्मय सुथार? रणजी ट्रॉफी में 400 रन ठोककर रचा इतिहास
भारतीय घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुथार ने इतिहास रचते हुए 400 रन की पारी खेली। ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने।

Who is Chinmay Suthar? रणजी का रण… भारतीय घरेलू क्रिकेट का वो सबसे बड़ा मंच, जहां हर खिलाड़ी अपने बल्ले से इतिहास लिखने का सपना देखता है। इस टूर्नामेंट में सचिन तेंदुलकर से लेकर वसीम जाफर जैसे बड़े दिग्गज बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन से खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन जो कारनामा ये तमाम बड़े दिग्गज नहीं कर पाए, वो अब एक ऐसे खिलाड़ी ने कर दिखाया है, जिसे आज से पहले बहुत कम लोग जानते थे।
रणजी के रण में 400 रन बनाकर रचा इतिहास
मिजोरम की टीम के 29 साल के बल्लेबाज ने 78 साल बाद रणजी ट्रॉफी में एक बार फिर 400 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा छूने का कीर्तिमान किया है। इस पारी ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया इतिहास रच दिया है। आखिर कौन है चिन्मय सुथार और कैसा रहा है उनका क्रिकेटिंग सफर, चलिए इस खास आर्टिकल में जानते हैं।
चिन्मय सुथार ने अपने दूसरे ही मैच में कर दिया कमाल
चिन्मय सुथार ने अपनी पारी से रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। खास बात यह है कि इस खिलाड़ी ने अपने फर्स्ट क्लास करियर के महज दूसरे मुकाबले में ऐसा कारनामा किया, जो भारतीय घरेलू क्रिकेट में इससे पहले सिर्फ एक बल्लेबाज कर सका था। इस ऐतिहासिक पारी के साथ ही उन्होंने कई दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में अपनी जगह बना ली। उन्होंने नागालैंड के खिलाफ मिजोरम की ओर से खेलते हुए नाबाद 400 रन बना दिए।
कौन है चिन्मय सुथार?
चिन्मय सुथार का जन्म मुंबई में हुआ और उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में मुंबई जैसी प्रतिष्ठित घरेलू टीम का प्रतिनिधित्व किया है। वह 2019 में भारत की अंडर-23 टीम के साथ इमर्जिंग टीम्स एशिया कप में भी हिस्सा ले चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने 2026-27 सीजन से पहले मिजोरम का रुख किया। उनके लिए यह बदलाव करियर को नई दिशा देने वाला साबित हुआ, क्योंकि मिजोरम की ओर से खेलते हुए उन्होंने ऐसी पारी खेल दी, जिसने उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में खास जगह दिला दी।
400 रन की ऐतिहासिक पारी, 517 गेंदों में किया पड़ाव पार
चिन्मय सुथार ने 19 अक्टूबर 2026 को रणजी ट्रॉफी 2026-27 के प्लेट डिवीजन मुकाबले में नागालैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 400 रन बनाए। उनकी इस पारी में 46 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।
मिजोरम की टीम एक समय नौ विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी, लेकिन चिन्मय ने आखिरी बल्लेबाज के साथ मिलकर पारी को संभाला और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। जब अंतिम बल्लेबाज लालरेम्पुइया क्रीज पर आए, तब चिन्मय 231 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद उन्होंने अपनी पारी को 400 रन तक पहुंचाया। मिजोरम ने 9 विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।
78 साल बाद रणजी ट्रॉफी में हुआ ऐसा कमाल
चिन्मय सुथार से पहले रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सिर्फ एक बल्लेबाज एक पारी में 400 या उससे अधिक रन बना सका था। यह रिकॉर्ड महाराष्ट्र के भाऊसाहेब निंबालकर के नाम है, जिन्होंने 1948-49 के सीजन में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। अब चिन्मय ने 400 रन बनाकर इस सूची में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के स्कोर को भी पीछे छोड़ दिया। शॉ ने 2023 में असम के खिलाफ मुंबई की ओर से यह पारी खेली थी।
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इस तरह करीब 78 साल बाद रणजी ट्रॉफी में किसी बल्लेबाज ने 400 रन का आंकड़ा छुआ है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि चिन्मय ने अपने फर्स्ट क्लास करियर के दूसरे ही मुकाबले में यह कारनामा किया।
चिन्मय इससे पहले मुंबई की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी में खेल चुके हैं। उन्होंने 2019 में भारत की अंडर-23 टीम के साथ इमर्जिंग टीम्स एशिया कप में भी हिस्सा लिया था। मिजोरम के लिए खेलने का उनका फैसला अब तक के करियर का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ है।
ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों की सूची में जगह
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक पारी में 400 या उससे अधिक रन बनाना बेहद दुर्लभ उपलब्धि है। इस सूची में ब्रायन लारा, डॉन ब्रैडमैन और हनीफ मोहम्मद जैसे महान बल्लेबाजों के नाम शामिल हैं। लारा ने वारविकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन बनाए थे, जबकि डॉन ब्रैडमैन ने न्यू साउथ वेल्स के लिए नाबाद 452 रन की पारी खेली थी।
चिन्मय सुथार का 400 रन तक पहुंचना केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट में अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा साबित करने की एक बड़ी मिसाल भी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद उनके करियर को किस तरह नई दिशा मिलती है।




