एशिया कप में चैंपियन, एशियन गेम्स में गोल्ड, फिर अचानक कप्तानी को कहा बाय-बाय, हरमन के बाद स्मृति होंगी नई कप्तान
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए 2022 से कप्तानी कर रही हरमनप्रीत कौर ने इस बड़ी जिम्मेदारी को लेकर अचानक ही बड़ा फैसला करते हुए कप्तानी छोड़ दी। वो बतौर खिलाड़ी खेलती रहेंगी।

Harmanpreet Kaur steps down as captain: भारतीय महिला क्रिकेट में एक ऐसा बदलाव हुआ है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जिस कप्तान की अगुवाई में टीम ने एशिया कप में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और पिछले साल महिला वनडे वर्ल्ड कप का ताज अपने नाम कर देश को गर्व करने का मौका दिया, अब उसी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अचानक ही तीनों ही फॉर्मेट की कप्तानी से बाय-बाय बोल लिया है।
भारतीय महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर के युग का अंत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हरमनप्रीत कौर का युग खत्म हो रहा है और अब एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। जिसके लिए स्टार और अनुभवी ओपनिंग बैटर स्मृति मंधाना अगली कप्तान होंगी। खुद हरमनप्रीत कौर ने 4 साल के कप्तानी सफर को थामने का फैसला करते हुए इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी है।
हरमनप्रीत ने तत्काल प्रभाव से छोड़ी कप्तानी
हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कप्तानी छोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए आसान फैसला नहीं था और इस सफर में कई सालों की यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हुए हैं। हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने बतौर कप्तान अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है और अब वह फिर से खेल के प्रति अपने प्यार के लिए मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।
एशिया कप और एशियन गेम्स में दिलाया खिताब
हरमनप्रीत का कप्तानी से विदा लेना इसलिए भी खास है क्योंकि हाल के महीनों में उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने शानदार वापसी की। सितंबर में भारत ने श्रीलंका को हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने 79 रन की शानदार पारी खेली थी।
2022 के मिताली के बाद हरमनप्रीत कौर बनी थी फुलटाइम कैप्टन
हरमनप्रीत कौर ने मिताली राज के संन्यास के बाद 2022 में भारतीय टीम की फुलटाइम कैप्टेंसी संभाली थी। इसके बाद वह टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल—तीनों फॉर्मेट में टीम का नेतृत्व करने लगीं। वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे लंबे समय तक नेतृत्व करने वाली प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 में अपनी पहली महिला वनडे वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती, जिससे उनके कप्तानी करियर को ऐतिहासिक उपलब्धि मिली।
अब स्मृति मंधाना पर टिकी नजरें
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल उनके उत्तराधिकारी को लेकर है। स्मृति मंधाना लंबे समय से टीम की उपकप्तान रही हैं और कई मौकों पर हरमनप्रीत की गैरमौजूदगी में भारत की कप्तानी भी कर चुकी हैं। जुलाई में खुद मंधाना ने कहा था कि अगर टीम को उनकी जरूरत होगी तो वह बड़ी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं। वहीं पूर्व भारतीय खिलाड़ी डायना एडुल्जी ने भी सितंबर में मंधाना को जल्द से जल्द कप्तानी सौंपने की वकालत की थी।
मंधाना के लिए नया दौर शुरू होने की तैयारी
मंधाना के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट को एक नए दौर में प्रवेश करने का मौका मिल सकता है। वह पहले ही टीम के नेतृत्व समूह का हिस्सा रही हैं और कप्तानी का अनुभव भी हासिल कर चुकी हैं। सितंबर में एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में उन्होंने 79 रन की अहम पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इससे पहले एशिया कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में हरमनप्रीत के बाद मंधाना का नाम स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर सामने आ रहा है।
यह भी पढ़े- कैच छोड़ने में टीम इंडिया का बुरा हाल! T20I में 2026 का आंकड़ा देखकर उड़ जाएंगे होश
कप्तानी खत्म, लेकिन हरमनप्रीत का सफर जारी
हालांकि हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी छोड़ी है, लेकिन उन्होंने संन्यास नहीं लिया है। अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए बतौर खिलाड़ी उपलब्ध रहेंगी। यानी टीम इंडिया को मैदान पर उनका अनुभव आगे भी मिलता रहेगा। फर्क सिर्फ इतना होगा कि अब उनके कंधों पर कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं होगी। हरमनप्रीत ने अपने संदेश के अंत में भी यही संकेत दिया कि कप्तानी का अध्याय खत्म हुआ है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के साथ उनका सफर अभी जारी है।
इस तरह एक तरफ भारतीय महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर के लंबे कप्तानी दौर का अंत हुआ है, तो दूसरी तरफ नेतृत्व की अगली पारी को लेकर स्मृति मंधाना का नाम सबसे मजबूती से सामने आ रहा है। आधिकारिक तौर पर नई कप्तान की घोषणा के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी, लेकिन इतना तय है कि भारतीय महिला क्रिकेट एक नए नेतृत्व युग की दहलीज पर खड़ा है।




