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न्यूजीलैंड से सीरीज तो जीत गई टीम इंडिया, लेकिन इन 3 कमजोरियों ने खोल दी पोल!

भारत ने न्यूजीलैंड को 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज को 3-2 से अपने नाम किया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया ने एक और सीरीज तो जीती, लेकिन कुछ कमजोरियां उजागर हो गई।

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द्वाराKalpesh Kalal
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Team India win T20I Series in New Zealand
Team India win T20I Series in New Zealand

Team India win T20I Series in New Zealand: भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के दौरे की शुरुआत का पहला पड़ाव पार कर लिया है। टीम इंडिया इन दिनों कीवी दौरे पर है, जहां तीनों ही फॉर्मेट की सीरीज में खेल रही है। इसमें 5 मैचों की टी20 सीरीज को भारत ने 3-2 से अपने नाम कर लिया। इस सीरीज के पहले 3 मैचों में ही शानदार खेल के दम पर श्रेयस अय्यर एंड कंपनी ने एक और टी20 सीरीज अपने नाम की।

भारत ने भले ही इस सीरीज में जीत का परचम लहराया है, लेकिन कुछ ऐसी चीजें देखने को मिली, जिससे टीम इंडिया की पोल खुल गई। तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं टीम इंडिया की वो 3 कमजोरियां, जो यहां उजागर हो गई। 

#1. टॉप ऑर्डर लड़खड़ाया तो बिखर गई पूरी बल्लेबाजी

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टीम इंडिया की सबसे बड़ी परेशानी उसका टॉप ऑर्डर रहा। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की और टीम को जीत दिलाई। पहले मैच में संजू सैमसन ने 67 रन बनाए, जबकि तीसरे मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने 113 रनों की तूफानी पारी खेली। लेकिन चौथे और पांचवें मैच में यही बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बेपटरी हो गया। सैमसन और अभिषेक की नाकामी के बाद तिलक वर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज भी जिम्मेदारी नहीं उठा सके। नतीजा यह हुआ कि लगातार दो मुकाबलों में भारत को हार का सामना करना पड़ा।

#2. बल्लेबाजों के पास रन बनाने का मौका, फिर भी मिडिल ऑर्डर फेल

इस सीरीज में बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां अनुकूल थीं। लगभग सभी मुकाबलों में सपाट पिच देखने को मिली, जहां बड़े स्कोर बनाना मुश्किल नहीं था। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरियां उजागर हो गईं। चौथे टी20 में न्यूजीलैंड ने 259 रन बनाए, लेकिन जवाब में भारतीय टीम 172 रन पर सिमट गई। पांचवें मैच में भी कहानी कुछ अलग नहीं रही। भारत ने शुरुआती 10 ओवर में 111 रन ठोक दिए थे और 230 से ज्यादा का स्कोर बनता दिख रहा था। मगर आखिरी 10 ओवरों में टीम सिर्फ 80 रन जोड़ सकी। यानी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की कला पर टीम इंडिया को अभी काफी काम करना होगा।

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#3. गेंदबाजी में अनुभव की कमी बनी सबसे बड़ी मुसीबत

भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अनुभव की कमी भी साफ नजर आई। अर्शदीप सिंह ने 6 विकेट लेकर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज भी चार मुकाबलों में 180 रन देकर सिर्फ एक विकेट हासिल कर सके। वहीं मयंक यादव ने दो मैचों में 4 विकेट जरूर लिए, लेकिन महंगे साबित हुए। प्रिंस यादव ने भी चार मुकाबलों में 158 रन खर्च कर दिए। ऐसे में डेथ ओवरों में रनों पर अंकुश लगाने से लेकर दबाव में विकेट निकालने तक, भारतीय गेंदबाज संघर्ष करते दिखाई दिए।

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