23 टेस्ट के बाद बुमराह vs रॉबिन्सन: आंकड़ों में कौन था ज्यादा घातक?
टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह आज सबसे खतरनाक माने जाते हैं, तो वहीं इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ऑली रॉबिन्सन ने भी इस फॉर्मेट में अपनी काबिलियत साबित की है।

Bumrah vs Robinson after 23 Tests: टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी सिर्फ तेज रफ्तार से विकेट लेने का नाम नहीं है। असली काबिलियत तब सामने आती है, जब कोई गेंदबाज लगातार लंबे स्पेल डाले, मुश्किल परिस्थितियों में विकेट निकाले और बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखे। जसप्रीत बुमराह अपनी सटीक यॉर्कर, घातक बाउंसर और किसी भी परिस्थिति में विकेट लेने की क्षमता के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं।
दूसरी ओर ऑली रॉबिन्सन अपनी लाइन-लेंथ, सीम मूवमेंट और बल्लेबाज को लगातार गलती करने के लिए मजबूर करने वाली गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। दोनों की शुरुआत को एक ही पड़ाव यानी 23 टेस्ट मैचों पर रखकर देखें, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प हो जाता है।
23 टेस्ट के बाद जसप्रीत बुमराह का रिकॉर्ड
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह आज तीनों ही फॉर्मेट के सबसे शानदार तेज गेंदबाजों में से एक हैं। 23 टेस्ट मैचों के बाद जसप्रीत बुमराह के आंकड़ो पर गौर करें तो उनके नाम 97 विकेट दर्ज थे। उनका गेंदबाजी औसत 22.76 और स्ट्राइक रेट 51.0 था। यानी बुमराह ने औसतन करीब 51 गेंदों में एक विकेट हासिल किया। इस दौरान उन्होंने 1 बार प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी जीता। बुमराह की सबसे बेहतरीन पारी की गेंदबाजी 6/27 रही। यह आंकड़े बताते हैं कि अपने टेस्ट करियर के शुरुआती 23 मैचों में ही बुमराह ने खुद को भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में स्थापित करना शुरू कर दिया था। उनके पास गति के साथ-साथ गेंद को दोनों तरफ से मूव कराने और पुरानी गेंद से भी बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता थी।
23 टेस्ट के बाद ऑली रॉबिन्सन का रिकॉर्ड
अब नजर डालते हैं इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ऑली रॉबिन्सन पर। 23 टेस्ट मैचों के बाद इस इंग्लिश तेज गेंदबाज के नाम 99 विकेट थे, यानी बुमराह से दो विकेट ज्यादा। लेकिन असली अंतर उनके गेंदबाजी औसत में दिखाई देता है। रॉबिन्सन का औसत 19.54 और स्ट्राइक रेट सिर्फ 43.2 था। यानी वह बुमराह की तुलना में कम गेंदों में विकेट हासिल कर रहे थे। रॉबिन्सन ने इस दौरान 6 बार प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता, जबकि उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी की गेंदबाजी 5/39 रही। 23 टेस्ट के इस पड़ाव पर 99 विकेट और 19.54 का औसत उनकी जबरदस्त निरंतरता को दिखाता है। हालिया रिकॉर्ड भी यही दिखाते हैं कि रॉबिन्सन 23 टेस्ट के बाद बुमराह के करियर औसत से आगे निकल चुके थे।
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23 टेस्ट के बाद कौन था बेहतर?
अगर तुलना सिर्फ विकेटों से करें तो रॉबिन्सन मामूली अंतर से आगे थे—99 बनाम 97। गेंदबाजी औसत में भी रॉबिन्सन की 19.54 की संख्या बुमराह के 22.76 से बेहतर थी, जबकि स्ट्राइक रेट में भी 43.2 बनाम 51.0 के साथ रॉबिन्सन आगे रहे। वहीं बुमराह का 6/27 का बेस्ट बॉलिंग आंकड़ा रॉबिन्सन के 5/39 से बेहतर था। सबसे बड़ा अंतर प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कारों में रहा, जहां रॉबिन्सन 6-1 से आगे थे। इसलिए 23 टेस्ट के आंकड़ों के आधार पर रॉबिन्सन का पलड़ा भारी नजर आता है, लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि बुमराह की गेंदबाजी का प्रभाव सिर्फ आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। बाद के करियर में बुमराह ने खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में स्थापित किया। उनका एक अलग ही प्रभाव देखने को मिलता है।




