“कॉन्ट्रैक्ट मिला ही नहीं…” ब्लेसिंग मुज़ाराबानी-PSL विवाद में बड़ा खुलासा, बिना गलती के लगाया गया बैन
ब्लेसिंग मुज़ाराबानी-PSL विवाद में बड़ा खुलासा हुआ है। इस खिलाड़ी के एजेंट ने दावा किया है कि उन्हें कभी आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला, इसके बावजूद उन पर बैन लगा दिया गया।

Blessing Muzarabani-PSL controversy: जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुज़ाराबानी को लेकर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में चल रहा विवाद अब और गंभीर रूप लेता जा रहा है। हाल ही में उनके एजेंट की ओर से जारी आधिकारिक बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। बयान में PSL और इस्लामाबाद यूनाइटेड पर कॉन्ट्रैक्ट और NOC प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
एजेंट ने कहा कि पिछले 6 हफ्तों से वे जानबूझकर चुप थे, क्योंकि विवाद बढ़ाना नहीं चाहते थे। लेकिन सोशल मीडिया पर मुज़ाराबानी के खिलाफ बढ़ती आलोचना और नफरत को देखते हुए अब उन्हें चुप्पी तोड़नी पड़ी। उन्होंने साफ कहा कि खिलाड़ी को बिना पूरी जानकारी के निशाना बनाया जा रहा है, जो बिल्कुल अनुचित है।
मुज़ाराबानी और PSL विवाद का घटनाक्रम
एजेंट के मुताबिक, 13 फरवरी 2026 को इस्लामाबाद यूनाइटेड ने मुज़ाराबानी से PSL 2026 के लिए संपर्क किया था। उस समय डील इस शर्त पर तय हुई थी कि जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड से NOC मिल जाएगा। लेकिन एजेंट ने स्पष्ट किया कि बिना आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट के NOC हासिल नहीं किया जा सकता।
इसके बावजूद टीम ने सोशल मीडिया पर मुज़ाराबानी के साइन होने की घोषणा कर दी। 27 फरवरी तक खिलाड़ी को न तो PSL की तरफ से और न ही इस्लामाबाद यूनाइटेड की तरफ से कोई आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट मिला।
इसी बीच कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से IPL 2026 के लिए आया ऑफर स्वीकार कर लिया गया और डील फाइनल हो गई। एजेंट ने यह भी बताया कि मुज़ाराबानी PSL ड्राफ्ट में शामिल भी नहीं थे और उन्हें कोई रोजगार अनुबंध नहीं दिया गया था। उन्होंने साफ कहा, "आप उस कॉन्ट्रैक्ट को तोड़ नहीं सकते जो आपने कभी साइन ही नहीं किया।"
PSL का बैन 'अनुचित और अत्यधिक', एजेंट ने की अपील
एजेंट ने PSL द्वारा मुज़ाराबानी पर लगाए गए 2 साल के बैन को कठोर और पूरी तरह अनुचित बताया है। उनका कहना है कि अतीत में जिन खिलाड़ियों ने वास्तव में कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा था, उन्हें भी इतनी सख्त सजा नहीं दी गई। उन्होंने PSL से अपील की है कि इस बैन को तुरंत वापस लिया जाए और इसे एक प्रशासनिक गलती मानकर माफ किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका PSL या इस्लामाबाद यूनाइटेड के प्रति कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।
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इस पूरे विवाद ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कॉन्ट्रैक्ट, NOC और नियमों की पारदर्शिता को लेकर फिर से बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि PSL इस मामले में क्या फैसला लेता है और मुज़ाराबानी पर लगा प्रतिबंध हटाया जाता है या नहीं।
लेखक के बारे में
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