टेस्ट मैच में सबसे कम गेंद में 10 विकेट लेने वाले 5 गेंदबाज
विश्व क्रिकेट में कईं महान गेंदबाज हुए हैं, जिन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान कईं बार मैच में 10 विकेट का कमाल किया है, लेकिन इनमें से कुछ ही गेंदबाज हैं, जिन्होंने 100 से कम ये उसके आस-पास गेंदों में ही 10 विकेट झटके हैं।

10 wickets in the fewest balls in a Test match: क्रिकेट में किसी गेंदबाज के लिए 10 विकेट लेना ही बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है, लेकिन अगर यही कारनामा बेहद कम गेंदों में हो जाए, तो वह प्रदर्शन सीधे इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है। क्रिकेट के 140 साल से ज्यादा पुराने इतिहास में कुछ ऐसे गेंदबाज रहे हैं, जिन्होंने बल्लेबाजों की पूरी लाइनअप को अपनी गेंदों पर नचाते हुए बेहद कम समय में 10 विकेट का आंकड़ा छू लिया। तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं वो 5 गेंदबाज जिन्होंने सबसे कम गेंदों में 10 विकेट लेने का कमाल किया है।
टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज जॉर्ज लोहमन के नाम दर्ज है। उन्होंने 1896 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में महज 91 गेंदों में 10 विकेट पूरे कर लिए थे। यह प्रदर्शन आज भी टेस्ट क्रिकेट के सबसे तेज 10-विकेट हॉल में सबसे ऊपर है। उस मुकाबले में लोहमन का कहर सिर्फ 10 विकेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने मैच में कुल 12 विकेट अपने नाम किए। पहली पारी में उन्होंने 9 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी और दूसरी पारी में भी 3 विकेट हासिल किए। 1896 की इस सीरीज में भी लोहमन का दबदबा देखने को मिला और उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में कुल 35 विकेट लिए थे।
इस ऐतिहासिक सूची में दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के बाएं हाथ के स्पिनर जॉनी ब्रिग्स का नाम आता है। ब्रिग्स ने 1889 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में ऐसा कहर बरपाया था, जिसे आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे असाधारण गेंदबाजी प्रदर्शनों में गिना जाता है। उन्होंने बेहद कम गेंदों में 10 विकेट पूरे किए और कुल मिलाकर मैच में 15 विकेट हासिल किए। दूसरे टेस्ट में उनकी गेंदबाजी इतनी घातक थी कि उन्होंने दूसरी पारी में सिर्फ 11 रन देकर 8 विकेट झटक लिए थे पूरे मैच में उनके आंकड़े 15/28 रहे, जो उस दौर की गेंदबाजी की भयावहता को दिखाते हैं।
इस रिकॉर्ड सूची में जॉर्ज लोहमन का नाम दोबारा दिखाई देता है। वजह है 1896 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका असाधारण प्रदर्शन। लोहमन की गेंदबाजी उस दौर में इतनी प्रभावशाली थी कि उन्होंने एक ही मैच में बल्लेबाजी क्रम को बार-बार तहस-नहस किया। उनके 1896 के दक्षिण अफ्रीका दौरे का प्रदर्शन विशेष रूप से याद किया जाता है, जहां उन्होंने सिर्फ तीन टेस्ट मैचों में 35 विकेट, यानी प्रति विकेट महज 5.80 रन की औसत से हासिल किए थे।
4. फ्रैंक वूली – 104 गेंद
इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर फ्रैंक वूली इस सूची में 104 गेंदों के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1912 में यह शानदार गेंदबाजी उपलब्धि हासिल की थी। वूली अपने समय के बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिने जाते थे और उनका टेस्ट करियर 1909 से 1934 तक खेले। 104 गेंदों में 10 विकेट लेने का उनका कारनामा खास इसलिए भी है क्योंकि इसके बाद लंबे समय तक किसी गेंदबाज ने इस रिकॉर्ड को पीछे नहीं छोड़ा। हालिया रिकॉर्ड संदर्भों में भी वूली के 104 गेंदों वाले 10-विकेट हॉल को इस सूची में ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज किया गया है।
5. मिचेल स्टार्क – 109 गेंद
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने 2026 में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी घातक गेंदबाजी से टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रच दिया। स्टार्क ने महज 109 गेंदों में 10 विकेट पूरे किए और इस उपलब्धि के साथ वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 10 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की खास सूची में शामिल हो गए। उनकी तेज रफ्तार और घातक यॉर्कर के सामने बांग्लादेशी बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। 109 गेंदों में 10 विकेट का यह आंकड़ा उन्हें इस ऐतिहासिक सूची में फ्रैंक वूली के 104 गेंद वाले प्रदर्शन के ठीक बाद रखता है।




