कुलदीप की जगह सरांश जैन को मौका! क्या अब खत्म हो गई टीम इंडिया के मैच विनर स्पिनर की कहानी?
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में शुरु हुए दूसरे टेस्ट मैच में स्टार स्पिनर गेंदबाज कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर कर 33 साल के सारांश जैन को डेब्यू का मौका मिला है।

Kuldeep Yadav's career hits a roadblock: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर गेंदबाज कुलदीप यादव को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। एक वक्त भारत के मैच विनर गेंदबाज रहे कुलदीप यादव की प्लेइंग-11 से हटाकर मध्यप्रदेश के 33 साल के स्पिन गेंदबाज सारांश जैन को मौका दिया गया है। मैच शुरू होने से पहले सारांश जो रवींद्र जडेजा के हाथों डेब्यू कैप मिली।
कोलंबो में सारांश जैन का डेब्यू, कुलदीप यादव बाहर
भारत के दिग्गज स्पिन गेंदबाज रहे आर अश्विन के संन्यास के बाद जब टीम इंडिया के टेस्ट स्पिन अटैक की बात होती थी, तो कुलदीप यादव का नाम फ्रंटलाइन स्पिनर के तौर पर सबसे पहले लिया जाता था। उनकी कलाई की स्पिन और विकेट निकालने की क्षमता को देखते हुए माना जा रहा था कि लंबे फॉर्मेट में अब कुलदीप ही भारत के स्पिन विभाग की कमान संभालेंगे। लेकिन क्रिकेट में समीकरण कब बदल जाएं, कोई नहीं जानता।
अश्विन का उत्तराधिकारी कुलदीप नहीं उतर पाएं हैं उम्मीदों पर खरे
अब श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट से पहले एक ऐसा मोड़ आया है, जिसने कुलदीप के टेस्ट भविष्य पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। सरांश जैन को टेस्ट कैप मिल चुकी है और उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में कदम रख लिया है। ऐसे में सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि प्लेइंग-11 में आगे किसे मौका मिलेगा, बल्कि बड़ा सवाल यह है कि क्या कुलदीप यादव के टेस्ट करियर की रफ्तार पर ही ब्रेक लगने वाला है? जिस खिलाड़ी को अश्विन के बाद भारत का अगला बड़ा टेस्ट स्पिन हथियार माना जा रहा था, क्या अब उसकी जगह कोई और ले रहा है?
2017 में मिला पहली बार मौका, जबरदस्त शुरुआत के साथ ठोका था दावा
31 वर्ष के चाइनामैन स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव ने 2017 में अपने टेस्ट क्रिकेट का डेब्यू किया था। धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच की पहली ही पारी में कुलदीप ने 4 विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी। इसके बाद उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जब भी मौका मिला, उन्होंने खुद को साबित किया और इसी सफर के बीच वो भारतीय टीम मे लिमिटेड ओवर्स के मुख्य हथियार बन गए।
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कुलदीप यादव का टेस्ट करियर धीरे-धीरे लगातार पतन की ओर
कुलदीप यादव को टेस्ट में जरूरत पड़ने पर ही मौका मिलता रहा और उन्होंने अपने करियर के इन 9 साल में सिर्फ 19 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 80 विकेट अपने नाम किए हैं। कुलदीप यादव ने 5 बार पारी में 5 विकेट लेने का कमाल किया है। 2024 में आर अश्विन के रिटायरमेंट के बाद कुलदीप के टेस्ट में स्थायी होने की संभवना भी बढ़ गई, लेकिन उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रह सका। 2025 से अब तक उन्हें 6 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला है, इस दौरान 12 पारियों में उन्होंने 22 विकेट दर्ज किए।
गॉल में ले सके केवल 1 विकेट, पिछली 8 पारियों में 12 विकेट
कुलदीप यादव के लिए टेस्ट में लगातार विकेट ना निकाल पाना सबसे बड़ी टेंशन साबित हुआ है। पिछले 8 पारियों में वो केवल 12 विकेट ले पाएं हैं और श्रीलंका के खिलाफ स्पिन फ्रेंडली विकेट पर संघर्ष करते हुए दिखे। जहां वो 25 ओवर की गेंदबाजी में केवल 1 विकेट ले सके। कुलदीप यादव के टेस्ट में लगातार गिरावट को देखते हुए अब उनके टेस्ट करियर पर सवाल खड़े होने लगे हैं।




