36 दिन जेल में रहने के बाद मिली बड़ी राहत, दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी को जमानत
दिल्ली कैपिटल्स के एक स्टार खिलाड़ी पिछले ही महीनों एक मामले को लेकर फंसे हैं। उन पर एक मेडिकल छात्रा के साथ रेप का आरोप लगा था।

Delhi Capitals player Abhishek Porel case: क्रिकेट की दुनिया में उस वक्त हलचल मच गई थी, जब दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े एक खिलाड़ी का नाम गंभीर आपराधिक मामले में सामने आया। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा और खिलाड़ी को करीब 36 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम पर क्रिकेट फैंस की नजरें टिकी थीं और हर किसी को इंतजार था कि कोर्ट से अगला फैसला क्या आता है।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी अभिषेक पोरेल को मिली राहत
यहां पर दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की बात कर रहे हैं, जिन्हें लेकर अब एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने अभिषेक पोरेल के लिए राहत का रास्ता खोल दिया है। 36 दिन बाद कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है।
36 दिन बाद अभिषेक पोरेल को मिली जमानत
दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल से जुड़े मामले में अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। 11 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद करीब 36 दिनों तक हिरासत में रहने वाले पोरेल को चिनसुराह कोर्ट ने जमानत दे दी है। पोरेल को कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। शिकायत में उनके खिलाफ शादी का वादा करने के बाद यौन संबंध बनाने और आपराधिक धमकी समेत कई आरोप लगाए गए थे। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत में किए गए दावे हैं और अदालत में अभी साबित नहीं हुए हैं। पोरेल पहले इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
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मेडिकल छात्रा ने लगाए थे गंभीर आरोप
मेडिकल छात्रा ने 23 जून को मोगरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकायत में छात्रा ने दावा किया कि वह पोरेल के साथ करीब साढ़े तीन साल से रिश्ते में थी और दोनों के बीच शादी को लेकर भी बात हुई थी। छात्रा का यह भी आरोप है कि दोनों विदेश यात्रा पर साथ गए थे, लेकिन बाद में शादी को लेकर स्थिति बदल गई और पोरेल ने कथित तौर पर रिश्ते से इनकार किया। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। मामले में शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई और बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पोरेल को गिरफ्तार किया गया।
पहले जमानत हुई थी खारिज, अब मिली राहत
गिरफ्तारी के बाद पोरेल को चिनसुराह कोर्ट में पेश किया गया था, जहां शुरुआती तौर पर उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी और उन्हें पहले पुलिस हिरासत तथा फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। जांच के दौरान उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर भी अदालत के निर्देश सामने आए थे। अब 36 दिन हिरासत में रहने के बाद कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके लिए तत्काल राहत का रास्ता खुल गया है। हालांकि, जमानत का मिलना मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और आरोपों की सत्यता का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।




