क्या रोहित शर्मा की वजह से BCCI मीटिंग से दूर रहे अजीत अगरकर? उठे कई बड़े सवाल!
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ऑफ कन्ट्रोल यानी बीसीसीआई की गुरुवार 3 सितंबर को वार्षिक आम बैठक हुई। इस मीटिंग में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर नहीं पहुंचे।

Ajit Agarkar's absence from the BCCI review meeting: भारतीय क्रिकेट में इस वक्त एक ऐसा सवाल उठ रहा है, जिसने BCCI की हाई-प्रोफाइल मीटिंग को अचानक सुर्खियों में ला दिया है। मीटिंग में टीम इंडिया के बड़े अधिकारी, कप्तान और कोच मौजूद जैसे हाई प्रोफाइल चेहरे मौजूद थे… लेकिन जिस शख्स की मौजूदगी सबसे ज्यादा अहम मानी जा रही थी, वही नजर नहीं आया। वो थे टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, जिन्होंने इस मीटिंग से दूरी बना ली।
बीसीसीआई रिव्यू मीटिंग में अजीत अगरकर की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
भारतीय क्रिकेट में इस समय एक सवाल ने जोर पकड़ लिया है—आखिर बीसीसीआई की अहम रिव्यू मीटिंग से चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर दूर क्यों रहे? सवाल सिर्फ उनकी गैर-मौजूदगी का नहीं है, बल्कि यह भी है कि अगरकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी इस बैठक का हिस्सा क्यों नहीं बन सके। बीसीसीआई की तरफ से उनकी गैर-मौजूदगी की वजह जरूर बताई गई है, लेकिन बोर्ड के स्पष्टीकरण के बाद भी कई सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। खास बात यह है कि बैठक मुंबई में हुई और अगरकर भी मुंबई में रहते हैं। ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी ने क्रिकेट जगत में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
चीफ सेलेक्टर के ना जुड़ने को लेकर बोर्ड ने दिया स्पष्टीकरण
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक, अजीत अगरकर उस समय ऐसी लोकेशन पर मौजूद थे, जहां से उनके लिए बैठक में व्यक्तिगत रूप से पहुंचना संभव नहीं था। इतना ही नहीं, वहां इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या होने के कारण वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक में शामिल नहीं हो सके। बोर्ड की तरफ से यह भी बताया गया कि रिव्यू मीटिंग शॉर्ट नोटिस पर बुलाई गई थी, जिसके कारण अगरकर के लिए इसमें शामिल होना संभव नहीं हो पाया। हालांकि, यही स्पष्टीकरण अब एक नया सवाल खड़ा कर रहा है—अगर बैठक भारतीय क्रिकेट के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति को लेकर इतनी महत्वपूर्ण थी, तो क्या चीफ सेलेक्टर को इसमें शामिल कराने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकती थी?
क्या रोहित शर्मा के टीम में रहने को लेकर अगरकर का ना पहुंचने का कनेक्शन?
इस पूरे मामले को रोहित शर्मा के भविष्य से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से रोहित के 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें भी सामने आती रही हैं कि अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। वहीं रोहित के भविष्य को लेकर अगरकर और बीसीसीआई के शीर्ष स्तर की सोच में अंतर होने की अटकलें भी लगती रही हैं। हालांकि, इन अटकलों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अगरकर की मीटिंग से गैर-मौजूदगी ने इस पुराने सवाल को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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रोहित शर्मा मामले में बीसीसीआई से नाराज बताएं जा रहे हैं चीफ सेलेक्टर
रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अगरकर और रोहित के बीच बातचीत की खबरें भी सामने आती रही हैं। चर्चा यह भी रही कि रोहित शुरुआत में चयन समिति की सोच से सहमत नहीं थे, जबकि बाद में अपने भविष्य को लेकर फैसला लेने पर विचार किया गया। इसके बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने रोहित के संन्यास से जुड़ी अटकलों को खारिज करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बताया था। यही वजह है कि अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या रोहित को लेकर चयन समिति और बोर्ड के बीच कोई अलग राय है? अगर ऐसा है, तो क्या इसका असर चीफ सेलेक्टर और बोर्ड के बीच रिश्तों पर भी पड़ा है? फिलहाल इन सवालों के जवाब सिर्फ अटकलों तक सीमित हैं।
अगरकर का मीटिंग से दूर रहने से खड़े होते हैं गंभीर सवाल
हालांकि, इस समय यह कहना जल्दबाजी होगी कि अजीत अगरकर की रिव्यू मीटिंग से गैर-मौजूदगी का सीधा संबंध रोहित शर्मा के मामले से है। बीसीसीआई की आधिकारिक वजह शॉर्ट नोटिस, अगरकर की लोकेशन और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है। लेकिन जिस समय भारतीय क्रिकेट में रोहित के भविष्य और टीम के अगले रोडमैप को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, उसी दौरान चीफ सेलेक्टर का इतनी अहम बैठक से दूर रहना निश्चित तौर पर सवाल खड़े करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह सिर्फ परिस्थितियों की वजह से हुआ, या फिर भारतीय क्रिकेट में पर्दे के पीछे कोई ऐसी कहानी चल रही है, जिसका खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है?




