अगरकर हटे तो खुला भुवनेश्वर की वापसी का रास्ता? रिपोर्ट में हुआ बड़ा दावा
भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर के पद से अजीत अगरकर की विदाई होते ही टीम इंडिया में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो गई है। इसके पीछे अब हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है।

Ajit Agarkar and Bhuvneshwar Kumar: भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर रहे अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होता है, और इसके ठीक 2 दिन बाद न्यूजीलैंड के दौरे के लिए टीम इंडिया की टी20 स्क्वाड का ऐलान होता है, और यहां इस स्क्वाड में अचानक ही करीब 4 साल बाद तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो जाती है। जिस खिलाड़ी का इंटरनेशनल करियर खत्म माना जा चुका था, उसको अचानक ही कमबैक टिकट मिल जाता है।
अगरकर की विदाई होते ही भुवी की टीम इंडिया में वापसी
अजीत अगरकर का जाना और फिर अंतरिम चीफ सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा के नेतृत्व में हुए सेलेक्शन कमेटी ने भुवनेश्वर कुमार को फिर से भारतीय टीम में जगह दी है। ये क्या महज एक संयोग है या इसके पीछे अजीत अगरकर से जुड़ी कोई वजह थी, कि वो भुवी को टीम इंडिया में लेना ही नहीं चाहते थे।
क्या अगरकर बन रहे थे भुवनेश्वर की वापसी में रूकावट
भुवनेश्वर कुमार की वापसी से उनके वो फैंस अच्छे खासे खुश हैं, जो पिछले काफी समय से उनकी टीम इंडिया में फिर से शामिल करने की मांग कर रहे थे। लेकिन मांग को पूरी तरह से अनदेखा किया जा रहा था और अब जैसे ही 3 साल से चीफ सेलेक्टर के पद पर रहे पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर की छुट्टी होती है और भुवी की वापसी हो जाती है। इसे लेकर एक रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि भुवी की वापसी के लिए अजीत अगरकर ही सबसे बड़ी रूकावट पैदा कर रहे थे।
रिपोर्ट में हैरतअंगेज खुलासा, अगरकर नहीं चाहते थे भुवी को टीम में लेना
भुवनेश्वर कुमार की नेशनल टीम में वापसी करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद हुई है। पिछले काफी समय से उनके प्रदर्शन को देखते हुए टीम इंडिया में वापसी की मांग उठती रही थी। खासतौर पर IPL और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छी गेंदबाजी करने के बाद उनके चयन को लेकर चर्चा तेज थी।
अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनकी वापसी में सबसे बड़ी अड़चन चयन समिति की रणनीति थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति युवा गेंदबाजों को ज्यादा से ज्यादा मौके देने के पक्ष में थी। माना जा रहा था कि युवा पेसर्स को लगातार इंटरनेशनल क्रिकेट खिलाकर भविष्य के लिए एक मजबूत गेंदबाजी यूनिट तैयार की जाए। इसी सोच के चलते अनुभव और मौजूदा प्रदर्शन के बावजूद भुवनेश्वर की वापसी लंबे समय तक नहीं हो पाई।
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आरपी सिंह ने कईं बार रखा था भुवनेश्वर की वापसी का पक्ष- रिपोर्ट्स
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयन समिति के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह कई बार भुवनेश्वर कुमार की वापसी के पक्ष में थे, लेकिन चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का समर्थन नहीं मिलने से मामला आगे नहीं बढ़ सका। अगरकर के हटने के बाद अंतरिम चयन समिति की कमान प्रज्ञान ओझा को मिली और उन्होंने भुवी पर भरोसा जताया। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में न्यूजीलैंड दौरे पर भुवनेश्वर टीम इंडिया के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज होंगे।




