11 साल तक मैदान पर राज… फिर अचानक बदला मन, इंग्लिश खिलाड़ी रूट ने कह दिया अलविदा!
इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी जो रूट किसी पहचान के मोहताज नहीं है। वो इस वक्त क्रिकेट जगत में सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से है, लेकिन उनके भाई बिली रूट ने संन्यास ले लिया है।

Joe Root's brother Billy Root retires: क्रिकेट की दुनिया में जब भी ‘रूट’ नाम आता है, तो सबसे पहले इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का चेहरा सामने आता है। ये बल्लेबाज इस वक्त वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार है, लेकिन ये खबर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट की नहीं, बल्कि उनके छोटे भाई बिली रूट की है। जो रूट की तरह बिली ने भी क्रिकेट को अपना करियर बनाया, हालांकि उन्हें कभी इंग्लैंड की नेशनल टीम की जर्सी पहनने का मौका नहीं मिला।
जो रूट के भाई बिली रूट ने प्रोफेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा
अब करीब 11 साल तक प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने के बाद बिली रूट ने अपने करियर पर विराम लगाने का फैसला किया है। उनका आखिरी मुकाबला 15 सितंबर को ग्लेमोर्गन की ओर से सरे के खिलाफ था, जिसमें उन्होंने 22 रन बनाए।
2015 में की थी करियर की शुरुआत, लेकिन नहीं बना सके नेशनल टीम में जगह
बिली रूट ने साल 2015 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट के जरिए अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 2017 में लिस्ट-ए और टी20 क्रिकेट में भी डेब्यू किया। घरेलू क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में उन्होंने लंबे समय तक अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया, लेकिन इंग्लैंड के चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब नहीं हो सके। यही वजह रही कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू होने से पहले ही घरेलू क्रिकेट तक सीमित रह गया।
कैसा रहा बिली रूट का क्रिकेट करियर?
बिली रूट के घरेलू क्रिकेट करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 83 फर्स्ट क्लास, 60 लिस्ट-ए और 50 टी20 मुकाबले खेले। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा। उन्होंने 83 मैचों में 4,107 रन बनाए और इस दौरान 7 शतक तथा 17 अर्धशतक लगाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 229 रन रहा।
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लिस्ट-ए क्रिकेट में बिली ने 60 मैचों में 1,665 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 89.66 रहा और उन्होंने 3 शतक तथा 9 अर्धशतक अपने नाम किए। वहीं टी20 क्रिकेट में उन्होंने 50 मुकाबलों में 634 रन बनाए। इस प्रारूप में उनके नाम कोई शतक या अर्धशतक दर्ज नहीं है।
बिली सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं थे। वह पार्ट-टाइम गेंदबाजी भी करते थे और फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए तथा टी20 क्रिकेट को मिलाकर उनके नाम 14 विकेट दर्ज हैं। हालांकि बिली रूट कभी इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सके, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने 11 साल तक अपनी पहचान बनाए रखी। अब 15 सितंबर को ग्लेमोर्गन के लिए आखिरी मुकाबला खेलने के बाद उन्होंने पेशेवर क्रिकेट से विदाई ले ली है। इस तरह रूट परिवार के एक और क्रिकेट सफर का अध्याय अब खत्म हो गया।




