क्रिकेट इतिहास का अनोखा कारनामा! 0 रन, 0 विकेट, 0 कैच और फिर भी बना जीत का हीरो
क्रिकेट इतिहास में कुछ बहुत ही अनोखे रिकॉर्ड हैं, लेकिन इनमें से एक खिलाड़ी बिना किसी रन, बिना किसी विकेट और कोई कैच किए बिना ही प्लेयर ऑफ द मैच बने।

Cricket's most unique record: क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के लिए मैच का हीरो बनने का मतलब आमतौर पर रन बनाना, विकेट लेना या शानदार कैच पकड़ना होता है। लेकिन क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा खिलाड़ी भी हुआ, जिसके स्कोरकार्ड पर 0 रन, 0 विकेट और 0 कैच दर्ज थे… इसके बावजूद उसकी टीम ने मुकाबला जीत लिया और बाद में उसे ऐसा सम्मान मिला, जिसने उसकी कहानी को और भी खास बना दिया।
ना कोई रन, ना कोई विकेट, ना कोई कैच, फिर भी प्लेयर ऑफ द मैच
आखिर ऐसा क्या हुआ था कि बिना किसी रन, विकेट या कैच के यह खिलाड़ी जीत का सबसे अहम हिस्सा बन गया? उसका योगदान मैदान पर नजर नहीं आया, लेकिन मैच के नतीजे पर उसका असर जरूर पड़ा। यही वजह है कि आज भी इस खिलाड़ी की कहानी क्रिकेट की सबसे दिलचस्प और रहस्यमयी घटनाओं में गिनी जाती है। आखिर कौन था यह खिलाड़ी और उसने ऐसा क्या कर दिया था?
वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज ने बनाया है अनोखा रिकॉर्ड
क्रिकेट में आमतौर पर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार उसी खिलाड़ी को मिलता है, जिसने बल्ले या गेंद से मैच पर अपनी छाप छोड़ी हो। लेकिन साल 2001 में एक ऐसा मुकाबला हुआ, जिसने इस धारणा को ही बदल दिया। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज कैमरन कफी ने न कोई रन बनाया, न विकेट लिया और न ही कोई कैच पकड़ा, फिर भी उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। आखिर क्यों?
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2001 में कैमरन कफी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ किया ऐतिहासिक कारनामा
यह किस्सा 23 जून 2001 की है, जब हरारे में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच कोका-कोला कप का मुकाबला खेला गया। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 266/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। डैरेन गंगा ने 66 रन बनाए, जबकि शिवनारायण चंद्रपॉल ने 51 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम के लिए लक्ष्य आसान नहीं था, लेकिन असली कहानी वेस्टइंडीज की गेंदबाजी के दौरान लिखी गई। कैमरन कफी ने नई गेंद से ऐसी कसी हुई गेंदबाजी की कि जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर रन ही नहीं बना सके। उन्होंने अपने पूरे 10 ओवर में सिर्फ 20 रन दिए और एक भी विकेट नहीं लिया।
10 ओवर, 20 रन कोई विकेट नहीं, लेकिन किफायती गेंदबाजी के लिए बने नायक
ध्यान देने वाली बात यह थी कि उस मुकाबले में कफी से ज्यादा किफायती कोई गेंदबाज भी नहीं रहा, जिसने अपने पूरे 10 ओवर का कोटा पूरा किया हो। उनकी गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे पर लगातार दबाव बनाए रखा और आखिरकार मेजबान टीम 239/9 तक ही पहुंच सकी। वेस्टइंडीज ने मुकाबला 27 रन से जीत लिया।
कफी ने गेंद से विकेट भले नहीं लिया, लेकिन बाद में उन्होंने फील्डिंग में भी योगदान दिया और एक शानदार रन आउट में भूमिका निभाई। हालांकि उनके मैच के आंकड़े देखने पर पहली नजर में ऐसा लगता है कि उन्होंने कुछ खास किया ही नहीं, लेकिन उनकी किफायती गेंदबाजी ने विपक्षी टीम की रन गति को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई।
यही वजह थी कि मैच के निर्णायकों ने उनकी 10 ओवर में 20 रन की गेंदबाजी को जीत की सबसे महत्वपूर्ण वजहों में माना और उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दे दिया। इस तरह कफी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बेहद दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम किया—बिना रन बनाए, बिना विकेट लिए और बिना कैच पकड़े मैन ऑफ द मैच बनने का।




