ये क्या किया तूने!’ धोनी के संन्यास के कुछ घंटे बाद रैना ने भी लिया फैसला, अब खुला बड़ा राज
भारतीय क्रिकेट टीम के दो बड़े दिग्गज खिलाड़ी पूर्व महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनके साथ खेले पूर्व धाकड़ बल्लेबाज सुरेश रैना ने 15 अगस्त 2020 को एक ही दिन संन्यास का ऐलान किया।

Suresh Raina opens up about his retirement: 15 अगस्त 2020... भारतीय क्रिकेट के इतिहास का वो दिन, जब एक दिग्गज यानी महेंद्र सिंह धोनी ने अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद एक और बड़े खिलाड़ी के फैसले ने हर किसी को चौंका दिया। वो थे धोनी के सबसे करीबी खिलाड़ी सुरेश रैना।
धोनी-रैना पूरा करियर साथ खेले, एक साथ लिया संन्यास
आकाश चोपड़ा के साथ बात करते हुए पूर्व दिग्गज बल्लेबाज रहे सुरेश रैना ने कहा कि, "आप बतौर एक खिलाड़ी इस खेल के लिए जीते हैं। आप इस देश के लिए बहुत कुछ करते हैं, इसके पीछे माता-पिता का त्याग छिपा होता है, लेकिन मुझे उस क्षण लगा कि यही सबसे सही समय है। क्योंकि आप अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। उस समय मेरी उम्र 32 रही हो या 33। उनके संन्यास के एलान के बाद मैं ड्रेसिंग रूम में गया और कहा - अब सब खत्म। उन्होंने कहा - ये क्या किया तूने।"
धोनी ने मेरे लिए बैटिंग पोजिशन तक छोड़ी- रैना
इसके बाद सुरेश रैना ने अपनी सफलता का कुछ क्रेडिट माही को भी दिया और बताया कि धोनी ने उनके लिए अपनी बैटिंग पोजीशन छोड़ दी थी, रैना ने यह तक कहा कि उन दिनों शायद वे कप्तान के लिए खेलते थे, क्योंकि धोनी जब सौरव गांगुली खेलते थे, तब धोनी टॉप ऑर्डर में बैटिंग किया करते थे, लेकिन उन्होंने उनके लिए जगह छोड़़ी और पीछे चले गए।
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रैना ने कहा,
"मुझे लगता है कि उस समय मैं कप्तान के लिए खेला, मैं टीम के लिए खेला। मैंने कप्तान इसलिए कहा, क्योंकि जिस बल्लेबाजी पोजीशन पर मुझे मौका मिला, उसके लिए कप्तान ने अपनी पोजीशन छोड़ दी थी। जब दादा (सौरव गांगुली) कप्तान थे, तब धोनी ऊपर बल्लेबाजी किया करते थे, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए कहा, "युवराज ऊपर खेलेंगे, सुरेश तुम यहां खेलों और मैं यहां रहूंगा।"
धोनी की कप्तानी में मिलता था खूब प्रोत्साहन
सुरेश रैना ने आगे धोनी पर एक बड़ी बात करते हुए कहा
"माही के इस व्यवहार के कारण उन्हें टीम के लिए और भी खून-पसीना एक करने का प्रोत्साहन मिलता था। जब गांगुली कप्तान थे, तब धोनी ने कई बार तीसरे, चौथे और पांचवें क्रम पर भी बल्लेबाजी की, लेकिन कप्तानी मिलने के बाद वो ज्यादातर नंबर-6 पर ही बैटिंग करते दिखे।"




