पाकिस्तान टीम में भूचाल! खिलाड़ियों के फोन जब्त, 7 बाहर… क्या खुलने वाला है बड़ा राज?
पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस वक्त इंग्लैंड के दौरे पर है, जहां 3 मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले दोनों ही मुकाबलों में पाकिस्तान की हार के बाद मैच फिक्सिंग का बड़ा आरोप लगा है।

Pakistan cricket team controversy: पाकिस्तान क्रिकेट का विवादों से जो नाता रहा है, उससे कोई अनजान नहीं है, हमेशा ही अपने गलत वजहों से चर्चा में रहने वाले पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर से मैच फिक्सिंग का जिन्न बाहर आ गया है। पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर ऐसा क्या हुआ कि मैदान पर हार के बाद अचानक खिलाड़ियों पर गाज गिरने लगी? फोन जब्त किए गए, कई बड़े नामों को टीम से बाहर कर दिया गया और कुछ खिलाड़ियों को सीधे घर भेज दिया गया। मामला सिर्फ खराब प्रदर्शन का है या इसके पीछे क्रिकेट से कहीं बड़ी कहानी छिपी है? इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच उठे इन सवालों ने पाकिस्तान क्रिकेट को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है।
इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद 7 खिलाड़ियों को रातों-रात किया गया था बाहर
लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट 194 रन से हारने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा फेरबदल कर दिया। मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम-उल-हक, अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, आमिर जमाल और मोहम्मद अवैस जफर को टीम से बाहर कर दिया गया। इतना ही नहीं, हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। उनकी जगह सात खिलाड़ियों को स्क्वॉड में शामिल किया गया, जिनमें पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करना बाकी है।
दूसरा टेस्ट हारने के बाद खिलाड़ियों के फोन बोर्ड द्वारा जब्त करने की खबरें
लेकिन असली सस्पेंस टीम में हुए बदलाव से ज्यादा उन वजहों को लेकर है, जिनके चलते यह फैसला लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बदलाव सिर्फ क्रिकेट से जुड़े नहीं थे। खिलाड़ियों के फोन PCB के कब्जे में दिए जाने की खबर सामने आई और बताया गया कि अंतिम टेस्ट खत्म होने तक ये डिवाइस बोर्ड की कस्टडी में रहेंगे। हालांकि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए और आखिर क्यों लिए गए, PCB ने सार्वजनिक तौर पर इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। इसी वजह से मैच-फिक्सिंग और अनुशासन को लेकर अटकलों ने जोर पकड़ लिया है।
मैच फिक्सिंग की आहट, पीसीबी करेगा जांच
PCB के डायरेक्टर मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशंस आमिर मीर ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए अनुशासन और आचरण से जुड़े मामलों को लेकर बोर्ड ने आंतरिक जांच शुरू की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रक्रिया PCB के नियमों के तहत चल रही है और संबंधित सभी लोगों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। यानी फिलहाल किसी खिलाड़ी पर मैच-फिक्सिंग का आरोप आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुआ है, लेकिन जांच ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर जरूर बना दिया है।
इमाम उल हक पर फेक चोट का लगा है आरोप
इसी बीच PCB के डायरेक्टर हाई परफॉर्मेंस आकिब जावेद ने इमाम-उल-हक की चोट को लेकर बेहद कड़ा बयान दिया। लॉर्ड्स टेस्ट में इमाम को लो-ग्रेड काफ इंजरी हुई थी और वह दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर सके। आकिब ने उनकी चोट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में जांच होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने साफ किया कि वह यह नहीं कह सकते कि इमाम ने चोट का नाटक किया, लेकिन उनके मुताबिक मांसपेशियों की ऐसी चोट का दोनों पारियों में बल्लेबाजी से पूरी तरह रोक देना सवाल खड़े करता है।
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पीसीबी की जांच में होगा खुलासा, आरोप साबित होने पर होगा एक्शन
अब नजर तीसरे टेस्ट और PCB की आंतरिक जांच पर है। क्या फोन की जांच से कोई बड़ा खुलासा होगा? क्या टीम में किए गए बदलावों की असली वजह सिर्फ अनुशासन है या कहानी में कुछ और भी है? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। लेकिन इतना जरूर है कि पाकिस्तान क्रिकेट के लिए यह सिर्फ एक टेस्ट मैच की हार नहीं रह गई है—इसने एक बार फिर उसके सिस्टम, खिलाड़ियों की जवाबदेही और पुराने मैच-फिक्सिंग के साए को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।




