सचिन vs विराट: पहले 5 साल में सचिन का खाता खाली, विराट ने ठोके इतने शतक, आंकड़े कर देंगे हैरान
भारतीय क्रिकेट इतिहास के दो सबसे बड़े बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में नए आयाम स्थापित किए हैं। सचिन की विरासत को कोहली आगे ले गए।

Sachin Tendulkar vs Virat Kohli: क्रिकेट की दुनिया में जब भी महान बल्लेबाजों का जिक्र होता है, तो दो नाम अपने आप चर्चा में आ जाते हैं—सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली। एक ने अपने दौर में बल्लेबाजी के लगभग हर बड़े रिकॉर्ड को छुआ, तो दूसरे ने आधुनिक क्रिकेट में शतकों और रनचेज की परिभाषा ही बदलकर रख दी। दोनों की बैटिंग स्टाइल अलग रही, दौर अलग रहा और क्रिकेट की कंडीशन भी काफी बदलीं, लेकिन एक सवाल आज भी क्रिकेट फैंस के बीच खासा दिलचस्प है—करियर के शुरुआती 5 साल में आखिर कौन ज्यादा खतरनाक बल्लेबाज था?
सचिन तेंदुलकर की विरासत को आगे ले गए विराट कोहली
सचिन को जहां क्रिकेट का भगवान कहा गया, वहीं विराट कोहली को आधुनिक युग का रन-मशीन माना जाता है। लेकिन अगर इन दोनों दिग्गजों के पहले पांच साल के वनडे करियर के आंकड़ों को आमने-सामने रख दिया जाए, तो तस्वीर काफी हैरान करने वाली नजर आती है। खास बात यह है कि इस तुलना में सिर्फ रनों की बात नहीं होगी, बल्कि वनडे शतक, बल्लेबाजी औसत, मैच और क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर प्रदर्शन भी कहानी को और दिलचस्प बना देते हैं।
शुरुआती 5 साल में वनडे शतक में कौन आगे- सचिन या विराट
सचिन ने बेहद कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखकर दुनिया को अपनी प्रतिभा का एहसास करा दिया था। दूसरी तरफ विराट ने भी भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद लगातार अपने प्रदर्शन से खुद को साबित किया और देखते ही देखते दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए। लेकिन जब दोनों के करियर के शुरुआती पांच साल का हिसाब सामने आता है, तो एक ऐसा आंकड़ा निकलकर आता है, जिसे देखकर सचिन और विराट के फैंस भी कुछ पल के लिए सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। तो चलिए जानते हैं सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के शुरुआती 5 साल के करियर में किस बल्लेबाज के नाम थे ज्यादा शतक।
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सचिन तेंदुलकर पहले 5 साल में नहीं लगा सके थे कोई वनडे शतक
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के वनडे करियर की शुरुआत शायद वैसी नहीं थी, जैसी बाद में उनकी महानता को देखकर कोई कल्पना कर सकता है। साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू करने वाले सचिन अपने पहले ही मुकाबले में बिना खाता खोले आउट हो गए थे। इतना ही नहीं, वनडे में अपने पहले शतक के लिए उन्हें करीब 6 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। 1989 से लेकर 1993 तक सचिन के बल्ले से एक भी वनडे सेंचुरी नहीं निकली।
वनडे करियर की 76वीं पारी में निकला सचिन का पहला शतक
आखिरकार करियर की 76वीं वनडे पारी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सचिन ने शतक लगाकर इस इंतजार को खत्म किया। इसके बाद तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वनडे क्रिकेट में शतकों का अंबार लगा दिया। अपने शानदार करियर के दौरान सचिन ने कुल 49 वनडे शतक लगाए और लंबे समय तक यह वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम रहा।
विराट ने 5 साल में ही मचा दिया तहलका
अब बात करते हैं विराट कोहली की, जिनका वनडे करियर सचिन की तुलना में बिल्कुल अलग अंदाज में आगे बढ़ा। विराट अपने डेब्यू साल यानी 2008 में शतक नहीं लगा सके, लेकिन अगले ही साल उनके बल्ले ने शतकों की रफ्तार पकड़ ली। 2009 में एक, 2010 में तीन, 2011 में चार और 2012 में पांच वनडे शतक—यानी करियर के शुरुआती पांच साल पूरे होते-होते विराट के नाम कुल 13 वनडे सेंचुरी दर्ज हो चुकी थीं।
विराट के नाम शुरुआती 5 साल में 13 वनडे शतक
यहीं पर सचिन और विराट की शुरुआती कहानी सबसे ज्यादा दिलचस्प हो जाती है। एक तरफ मास्टर ब्लास्टर अपने पहले पांच साल में एक भी वनडे शतक नहीं लगा सके, तो दूसरी तरफ विराट ने उसी अवधि में 13 सेंचुरी ठोककर दुनिया को अपनी बल्लेबाजी का अंदाज दिखा दिया था।
विराट कोहली ने तोड़ दिया है सचिन के 49 वनडे शतकों का रिकॉर्ड
सचिन के 49 वनडे शतकों का रिकॉर्ड टूटना भी अपने आप में क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय रहा। सचिन ने साल 2012 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने करियर का 49वां और आखिरी वनडे शतक लगाया था। इसके बाद करीब 11 साल तक कोई बल्लेबाज इस आंकड़े को पार नहीं कर सका।
लेकिन नवंबर 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली ने वह कर दिखाया, जिसका इंतजार क्रिकेट फैंस लंबे समय से कर रहे थे। विराट ने अपना 50वां वनडे शतक लगाकर सचिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया और ODI क्रिकेट में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इसके बाद उन्होंने इस रिकॉर्ड को और आगे बढ़ाया और 54 वनडे शतक तक पहुंच चुके हैं। यानी जिस रिकॉर्ड को सचिन ने वर्षों की मेहनत से बनाया था, उसी रिकॉर्ड को विराट ने आखिरकार अपने नाम कर लिया।




