आखिर क्यों टूट गया सरफराज खान का भरोसा? टीम इंडिया में मौका नहीं मिलने पर छलका दर्द!
भारतीय टीम के बल्लेबाज सरफराज खान को पिछले कुछ वक्त से मौका नहीं मिल पा रहा है। इस बात से वो इतने खफा हुए कि अब उनके सब्र का बांध टूट गया है और उन्होंने इसे लेकर अपना दर्द बयां किया है।

Sarfaraz Khan Statement: घरेलू क्रिकेट में बल्ले से लगातार धमाल मचाने के बावजूद अगर किसी खिलाड़ी को टीम इंडिया में जगह नहीं मिलती है, तो उसके लिए निराश होना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब वह हर बार अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा हो। मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। रणजी ट्रॉफी में लगातार रनों का अंबार लगाने वाले इस बल्लेबाज को भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं मिल रही है।
श्रीलंका दौरे पर मौका नहीं मिला और इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के साथ इंडिया ए के तीन मुकाबलों के लिए भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। अब लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे सरफराज ने अपनी अनदेखी, भविष्य और संघर्ष को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है।
टीम इंडिया में अपने भविष्य को लेकर क्या बोले सरफराज?
ब्रेबोर्न स्टेडियम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरफराज खान ने अपने भविष्य को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए बुलाए जाने की कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल उन्हें खुद भी समझ नहीं आ रहा है कि उनका भविष्य क्या होगा। वह जहां भी खेलने का मौका मिल रहा है, वहां क्रिकेट खेल रहे हैं। अगर उन्हें भारतीय टीम के लिए बड़े स्तर पर खेलने का मौका मिलता है तो वह जरूर जाएंगे, अन्यथा रणजी ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन पर ध्यान देते रहेंगे।
विदेशी पिचों पर रन बनाने के बावजूद चयनकर्ताओं ने किया नजरअंदाज?
सरफराज खान ने विदेशी दौरों पर चयन नहीं होने को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, टीम इंडिया के साथ रहते हुए उन्होंने सुना था कि चयनकर्ता उन्हें केवल भारतीय परिस्थितियों के लिए ही देख रहे हैं। हालांकि, चयनकर्ताओं ने उनसे सीधे तौर पर ऐसा कुछ नहीं कहा।
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सरफराज ने अपने प्रदर्शन का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में इंडिया ए के लिए खेलते हुए महज 63 गेंदों में शतक लगाया था। वहीं, इंग्लैंड में भी उनके बल्ले से 101 रनों की पारी निकली थी। ऐसे में उनका मानना है कि उन्होंने भारत के बाहर भी रन बनाए हैं। हालांकि, चयनकर्ताओं का अपना नजरिया है और फैसला उन्हीं के हाथ में है। उनका ध्यान सिर्फ क्रिकेट खेलने पर है।
'मेरे पास पिता के अलावा कोई सपोर्ट नहीं'
इस बातचीत के दौरान सरफराज खान भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें जिंदगी में किसी का साथ नहीं मिला और उनके पिता ही हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं। सरफराज के मुताबिक, उन्होंने कड़ी मेहनत करके अपने पिता का सपना पूरा किया है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई शतक लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में भारतीय टीम के लिए खेलना बिल्कुल आसान नहीं है।
इस दाएं हाथ के बल्लेबाज बयान बताता है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद टीम में जगह नहीं मिलना उनके लिए कितना मुश्किल है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में उनका बल्ला चयनकर्ताओं को कितना प्रभावित कर पाता है और उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में वापसी का मौका कब मिलता है।