टीम इंडिया बनी ‘जख्मी फौज’! 32 खिलाड़ी पहुंचे रिहैब सेंटर, रोहित शर्मा की चोट पर भी बड़ा खुलासा
भारतीय क्रिकेट टीम में चोटिल खिलाड़ियों को लेकर हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। जिसमें सीनियर खिलाड़ियों में बड़े-बड़े नाम शामिल है। BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी CoE की रिपोर्ट के अनुसार 32 खिलाड़ी पिछले 1 साल में वहां जा चुके हैं।

Team India’s Injury Concerns: टीम इंडिया… मैदान पर विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाली इस टीम के पीछे की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो आपको भी हैरान कर देगी! भारतीय क्रिकेट में आखिर चल क्या रहा है? BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यानी CoE की रिपोर्ट में एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जिसने खिलाड़ियों की फिटनेस और चोटों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक-दो नहीं, बल्कि 32 खिलाड़ी रिहैब सेंटर तक पहुंच गए! आखिर इन खिलाड़ियों के साथ ऐसा क्या हुआ? क्या लगातार क्रिकेट खेलने का दबाव अब टीम इंडिया पर भारी पड़ रहा है, या इसके पीछे कोई और वजह है? कौन हैं ये खिलाड़ी और रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे हुए हैं? चलिए, इस पूरी कहानी की एक-एक परत खोलते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के चोटिल खिलाड़ियों की रिपोर्ट ने चौंकाया
BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की सालाना रिपोर्ट से भारतीय क्रिकेट में चोटों की समस्या को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच मेंस क्रिकेट के 32 खिलाड़ियों को चोटों से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा। इनमें 20 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले सीनियर खिलाड़ी और 12 इंडिया-A या टारगेटेड ग्रुप के खिलाड़ी शामिल हैं। यह आंकड़ा भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी से जुड़ी चुनौतियों को उजागर करता है।
भारत के कईं बड़े सीनियर खिलाड़ियों को पिछले 1 साल में जाना पड़ा है CoE
पिछले एक साल में वनडे, टेस्ट और टी20 टीमों में कई बदलाव देखने को मिले, लेकिन चोटों ने भी टीम मैनेजमेंट की मुश्किलें बढ़ाईं। अहम खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम कॉम्बिनेशन और बड़ी सीरीज की तैयारियों पर असर पड़ा। ऐसे में CoE की रिपोर्ट ने खिलाड़ियों के वर्कलोड, फिटनेस और चोटों से उबरने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, चोटों की गंभीरता और उनके कारणों को समझने के लिए विस्तृत जानकारी जरूरी है।
आईपीएल के बाद चोटिल खिलाड़ियों की संख्या में हो जाता है इजाफा
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ समय से खिलाड़ियों की चोटें टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं। IPL 2026 के बाद इंजरी की समस्या को लेकर चर्चा और तेज हो गई। टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल भी खिलाड़ियों के चोटिल होने की समस्या पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। अब BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की सालाना रिपोर्ट को लेकर सामने आई जानकारी ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
32 खिलाड़ियों को रिहैब के दौर से गुजरना पड़ा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच मेंस क्रिकेट के 32 खिलाड़ियों को चोटों से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा। इनमें 20 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले सीनियर खिलाड़ी, जबकि 12 इंडिया-A या टारगेटेड ग्रुप के खिलाड़ी शामिल थे। वहीं, मेंस और वुमेंस क्रिकेट को मिलाकर CoE की स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन टीम ने कुल 68 खिलाड़ियों का इलाज किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर खिलाड़ी मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे।
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रोहित शर्मा की चोट पर भी सामने आई जानकारी
इस रिपोर्ट से जुड़ी सबसे चौंकाने वाली जानकारी रोहित शर्मा की चोट को लेकर है। रिपोर्ट के अनुसार, IPL 2026 के बाद रोहित हैमस्ट्रिंग की समस्या के चलते रिहैबिलिटेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे थे। हालांकि, इस चोट को लेकर BCCI की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। अब रिपोर्ट के जरिए रोहित की फिटनेस से जुड़ी यह जानकारी सामने आई है।
रोहित के अलावा विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती और प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों के भी चोटों से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इन खिलाड़ियों की चोटों और रिकवरी की स्थिति अलग-अलग रही है। ऐसे में सभी को एक ही श्रेणी में रखना सही नहीं होगा, लेकिन लगातार सामने आ रही इंजरी की खबरें भारतीय क्रिकेट के लिए चिंता का विषय जरूर हैं।
ऋषभ पंत की चोट ने भी बढ़ाई थी मुश्किलें
रिपोर्ट में ऋषभ पंत की चोट का भी जिक्र है। जुलाई 2025 में मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान पंत के पैर में फ्रैक्चर हुआ था, जिसके चलते उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। यह चोट भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका थी।




