एशियन गेम्स में टीम इंडिया के गोल्ड जीतते ही वैभव सूर्यवंशी ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, किया वो कारनामा जो 8 साल में नहीं कर पाया कोई
भारतीय क्रिकेट टीम के 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम के एशियन गेम्स में क्रिकेट के फाइनल मैच को जीतते ही एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

Vaibhav Suryavanshi creates history at the Asian Games: सिर्फ 15 साल की उम्र... सामने पाकिस्तान की टीम... और दांव पर एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल। भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर मेंस क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया, लेकिन इस जीत के साथ टीम इंडियाके एक युवा खिलाड़ी ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। वैभव सूर्यवंशी अब एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं।
3 अक्टूबर, शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 28 गेंदों पर 61 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। शिवम दुबे ने भी 15 गेंदों पर 27 रन की तेज पारी खेली।
टीम इंडिया ने दूसरी बार जीता गोल्ड मेडल
भारत के इस बड़े स्कोर के जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी। पाकिस्तान की तरफ से हसन नवाज ने 51 गेंदों पर 96 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन उनकी पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी। भारत ने मुकाबला 19 रन से जीतकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
वैभव बन गए सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले भारतीय
इस ऐतिहासिक फाइनल में वैभव सूर्यवंशी भी भारतीय प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। उन्होंने पारी की शुरुआत करते हुए 9 गेंदों पर 15 रन बनाए। उनकी पारी में दो छक्के शामिल रह। हालांकि वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन टीम के गोल्ड जीतते ही उनके नाम एक बेहद खास रिकॉर्ड दर्ज हो गया। वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल वाले दिन उनकी उम्र 15 साल, 6 महीने और 6 दिन थी। इसी उम्र में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने सौरभ चौधरी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
सौरभ चौधरी का 8 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
इससे पहले भारत के सबसे कम उम्र के एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट का रिकॉर्ड निशानेबाज सौरभ चौधरी के नाम था। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता था। उस समय उनकी उम्र 16 साल, 3 महीने और 9 दिन थी। अब वैभव ने करीब नौ महीने कम उम्र में गोल्ड जीतकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
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हालांकि यहां एक अंतर समझना जरूरी है। वैभव ने टीम इवेंट यानी क्रिकेट में गोल्ड जीता है, जबकि सौरभ चौधरी का गोल्ड व्यक्तिगत इवेंट में था। इसलिए सौरभ अभी भी भारत के सबसे कम उम्र के व्यक्तिगत एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट हैं। वहीं वैभव अब कुल मिलाकर सबसे कम उम्र के भारतीय गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
वैभव के लिए यह उपलब्धि उनके तेजी से आगे बढ़ते क्रिकेट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है। 15 साल की उम्र में एशियन गेम्स गोल्ड जीतकर उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी रिकॉर्ड से भरी यात्रा में एक और खास अध्याय जोड़ दिया है।




