8 रन से चूके वैभव सूर्यवंशी, नहीं टूट पाया सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना रिकॉर्ड!
दिलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड महान सचिन तेंदुलकर के नाम है। सचिन ने 1990 में 17 साल और 262 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।

Vaibhav Sooryavanshi: सिर्फ 8 रन और… और भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक 36 साल पुराना रिकॉर्ड टूट जाता.... दिलीप ट्रॉफी में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने सेंट्रल जोन के खिलाफ अपनी तूफानी बल्लेबाजी से ऐसा कहर बरपाया कि हर किसी की नजर उनके अगले रन पर टिक गई। 7 छक्के और 7 चौकों से सजी 92 रन की पारी में वैभव ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, लेकिन एक ऐसा मुकाम भी आया जहां वह महान सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को छूते-छूते रह गए। जिसे हासिल करने से सिर्फ 8 रन की कसक रह गई।
दिलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, खेली 92 रन की तूफानी पारी
भारतीय क्रिकेटकी प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में से एक दिलीप ट्रॉफी का रोमांच इन दिनों छाया हुआ है। जहां बेंगलुरू में पहला सेमीफाइनल मुकाबला सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने आते ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया और महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके साथ ही वैभव दिलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। 15 साल और 157 दिन की उम्र में हासिल की गई यह उपलब्धि उनकी असाधारण प्रतिभा की एक और मिसाल बन गई।
92 रन पर वैभव के आउट होते ही 36 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने से बचा
अपनी फिफ्टी पूरी करने के बाद वैभव और ज्यादा आक्रामक नजर आए। उन्होंने अपनी 81 गेंदों की पारी में 7 चौके और 7 छक्के जड़ते हुए 92 रन बनाए। उनकी बैटिंग में वही बेखौफ अंदाज नजर आया, जिसने आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में भी फैंस का ध्यान खींचा है। हालांकि, जैसे-जैसे वह शतक के करीब पहुंचे, उनके सामने इतिहास बदलने का मौका भी साफ दिखाई देने लगा था। लेकिन वो एक 36 साल पुराने खास रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए।
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दिलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक बनाने का मौका गंवाया
दरअसल, दिलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड महान सचिन तेंदुलकर के नाम है। सचिन ने 1990 में 17 साल और 262 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था। वैभव इस रिकॉर्ड को तोड़ने की स्थिति में थे और उन्हें सिर्फ 8 रन की जरूरत थी। लेकिन 92 के स्कोर पर उनकी पारी खत्म हो गई और सचिन का 36 साल पुराना रिकॉर्ड फिलहाल सुरक्षित रह गया।
वैभव के पास है सचिन का ये रिकॉर्ड तोड़ने का मौका
हालांकि, वैभव के पास निराश होने की कोई वजह नहीं है। उन्होंने पहले ही सबसे कम उम्र में दिलीप ट्रॉफी अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है और सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उनके पास अभी काफी समय है। अगर उनकी टीम फाइनल तक पहुंचती है, तो मौजूदा टूर्नामेंट में भी उनके पास एक और मौका हो सकता है। जिस अंदाज में यह युवा बल्लेबाज लगातार आगे बढ़ रहा है, ऐसे में सचिन का रिकॉर्ड कब तक सुरक्षित रहेगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।




