भारतीय क्रिकेट के 3 महान नाम, जिनका वर्ल्ड कप सपना रह गया अधूरा
भारतीय क्रिकेट के कईं दिग्गजों का वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा हुआ है, लेकिन कुछ ऐसे पूर्व महान बल्लेबाज और दिग्गज कप्तान रहे हैं, जो अपने करियर में कभी भी वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा नहीं कर सके हैं।

India's captain could not win the World Cup: क्रिकेट में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से इतिहास रचा, कप्तानी से टीम को नई पहचान दी और करोड़ों फैंस के दिलों पर राज किया। लेकिन इन दिग्गजों के करियर में एक ऐसी कमी रह गई, जिसे चाहकर भी वो पूरा नहीं कर सके। वो है क्रिकेट के सबसे बड़े इवेंट वर्ल्ड कप का खिताब...
वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने का सपना कुछ ऐसे महान खिलाड़ियों के लिए हमेशा अधूरा रहा। किसी ने फाइनल तक का सफर तय किया, तो किसी की टीम बड़े मंच पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।भारतीय क्रिकेट को अपनी कप्तानी से लेकर बल्लेबाजी में नए आयाम तक पहुंचानें वाले कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जो कभी वर्ल्ड चैंपियन का टैग ही नहीं लगा सके। आखिर कौन हैं भारत के वो 3 महान बल्लेबाज और कप्तान, जिनके हाथ कभी वर्ल्ड कप ट्रॉफी नहीं लगी?
#3. मोहम्मद अजहरुद्दीन
अपनी बल्लेबाजी स्टाइल से दर्शकों का मन मोह लेने वाले पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 1990 से 1999 तक भारतीय टीम की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में भारत ने 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज जीती और कई यादगार मुकाबले खेले। अजहरुद्दीन ने 1992, 1996 और 1999 वर्ल्ड कप में भारत की कमान संभाली। 1996 में भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा, लेकिन श्रीलंका से हार गया। कप्तानी के साथ बल्ले से भी उनका योगदान शानदार रहा, मगर वर्ल्ड कप ट्रॉफी उनके करियर से हमेशा दूर रही।
#2. राहुल द्रविड़
दीवार के नाम से दुनियाभर में मशहूर भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने 2005 से 2007 तक भारतीय टीम की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में टेस्ट सीरीज जीतकर विदेशी जमीन पर अपनी क्षमता साबित की। 2007 वर्ल्ड कप में उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन भारत बांग्लादेश और श्रीलंका से हारकर ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया। द्रविड़ के नेतृत्व में टीम को कई उतार-चढ़ाव देखने पड़े। बाद में उन्होंने कोच के तौर पर भारत को 2024 टी20 वर्ल्ड कप जिताया, लेकिन खिलाड़ी और कप्तान के रूप में यह उपलब्धि उनसे दूर रही।
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#1. सौरव गांगुली
पूर्व दिग्गज बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को आक्रामक कप्तानी और विदेशी मैदानों पर जीत का आत्मविश्वास दिया। उनकी कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों को कड़ी चुनौती दी। 2002 चैंपियंस ट्रॉफी भारत ने संयुक्त रूप से जीती, जबकि 2003 वर्ल्ड कप में गांगुली की टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची। हालांकि, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार के कारण वर्ल्ड कप ट्रॉफी का सपना टूट गया। गांगुली के कप्तानी करियर की सबसे बड़ी कसक यही रही कि वह भारत को विश्व चैंपियन नहीं बना सके।




