इतिहास के सबसे 'अजेय' 4 भारतीय टेस्ट कप्तान, चौथा नाम उड़ा देगा आपके होश
भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई बेहतरीन कप्तान हैं। महेंद्र सिंह धोनी से लेकर विराट कोहली, कपिल देव और रोहित शर्मा जैसे बड़े कप्तान रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्होंने टेस्ट में बतौर कप्तान कोई मैच नहीं हारा।

Team India's unbeaten Test captain: एक क्रिकेटर का टारगेट होता है कि वो एक ना एक दिन अपनी नेशनल टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेले। इसी तरह वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे बड़े पावरहाउस मानी जाने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन टीम इंडिया की कप्तानी करना उससे भी बड़ा सम्मान माना जाता है। और जब बात टेस्ट क्रिकेट की हो, तो कप्तानी की जिम्मेदारी किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है।
भारत पिछले 94 वर्षों से टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है और इस दौरान 38 खिलाड़ियों को टीम की कमान संभालने का मौका मिला। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से सिर्फ चार कप्तान ऐसे रहे, जिन्होंने अपने कप्तानी करियर में एक भी टेस्ट मैच नहीं हारा। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस खास लिस्ट में धोनी, विराट, कपिल या सचिन जैसे दिग्गज कप्तानों का नाम नहीं है। तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं आखिर कौन हैं वो 4 भारतीय कप्तान, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अजेय रहने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया
#1. हेमु अधिकारी
इस लिस्ट का पहला नाम है हेमू अधिकारी। उन्होंने भारत की कप्तानी सिर्फ एक टेस्ट मैच में की थी और संयोग से वही उनके करियर का आखिरी टेस्ट भी साबित हुआ। यह मुकाबला दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया था। मैच का कोई नतीजा नहीं निकला और ड्रॉ पर खत्म हुआ। इस तरह हेमू अधिकारी अपने पूरे कप्तानी करियर में एक भी टेस्ट मैच नहीं हारे।
#2. रवि शास्त्री
दूसरा नाम है रवि शास्त्री का। मौजूदा दौर में उन्हें एक शानदार कमेंटेटर और भारत के पूर्व हेड कोच के रूप में जाना जाता है, लेकिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी भी की है। साल 1988 में नियमित कप्तान दिलीप वेंगसरकर के चोटिल होने के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट में उन्हें कप्तानी का मौका मिला। रवि शास्त्री ने इस मौके को यादगार बना दिया और भारत ने वह मैच 255 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। यानी बतौर टेस्ट कप्तान उनका रिकॉर्ड भी अजेय रहा।
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#3. कृष्णमाचारी श्रीकांत
तीसरा नाम है कृष्णमाचारी श्रीकांत का। साल 1989 में भारत ने पाकिस्तान का दौरा किया था। यही वह सीरीज थी, जिसमें सचिन तेंदुलकर ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। चार टेस्ट मैचों की उस सीरीज में श्रीकांत भारतीय टीम के कप्तान थे। हालांकि चारों मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला और सभी मैच ड्रॉ रहे। इसके बाद उन्हें दोबारा टेस्ट टीम की कप्तानी करने का मौका नहीं मिला, लेकिन उनके नाम भी कप्तानी में एक भी हार दर्ज नहीं हुई।
#4. अजिंक्य रहाणे
इस लिस्ट का सबसे चर्चित नाम है अजिंक्य रहाणे। उन्होंने 2017 से 2021 के बीच भारत की कप्तानी करते हुए 6 टेस्ट मैच खेले। इनमें से भारत ने 4 मुकाबले जीते, जबकि 2 मैच ड्रॉ रहे। सबसे बड़ी बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारत ने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर ऐतिहासिक सीरीज अपने नाम की। यही वजह है कि रहाणे को भारत के सबसे सफल स्टैंड-इन टेस्ट कप्तानों में गिना जाता है।




