जब बैन होने वाले थे यशस्वी जायसवाल, अजिंक्य रहाणे के एक सख्त कदम ने बदल दी पूरी कहानी
भारतीय घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2022 में एक मैच के दौरान अजिंक्य रहाणे ने यशस्वी जायसवाल को लेकर एक सख्त कदम उठाया था।

Ajinkya Rahane on Yashasvi Jaiswal: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार टेस्ट ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल आज स्थापित हो चुके हैं। टीम इंडिया में यशस्वी जायसवाल का कद लगातार बढ़ता जा रहा है और वो इस वक्त टेस्ट के एक बेहतरीन मैच विनर खिलाड़ी के रूप में माने जाते हैं, लेकिन इस यशस्वी जायसवाल को हम आज शायद यहां नहीं देखते, अगर अजिंक्य रहाणे ने वो सख्त कदम ना उठाया होता।
रहाणे के एक सख्त कदम ने जायसवाल को बचा लिया
अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या हुआ कि रहाणे ने जायसवाल को बैन होने से बचा लिया और वो आज टीम इंडिया के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाज बन गए हैं। ये बात हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सालों बाद खुद अजिंक्य रहाणे ने इस बात का खुलासा किया है और बताया कि एक बार उनके एक सख्त फैसले ने जायसवाल को बैन होने से बचा लिया।
दलीप ट्रॉफी में जब रहाणे ने यशस्वी जायसवाल को भेज दिया बाहर
अजिंक्य रहाणे और यशस्वी जायसवाल शुरुआत से साथ में खेलते आ रहे हैं। दोनों मुंबई के लिए कईं साल तक खेले हैं, जब रहाणे कप्तान थे, तो जायसवाल अपने करियर को परवान ले जाने में लगे थे। इसी बीच 2022 की एक घटना को अजिंक्य रहाणे ने याद किया। जब दलीप ट्रॉफी के दौरान जायसवाल की हरकत कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी थी, तो लाइव मैच में रहाणे ने उन्हें बाहर भेज दिया था। इसी कड़े कदम के दम पर रहाणे ने दावा किया है कि उन्होंने जायसवाल को ये फैसला लेकर कम से कम 4 मैचों का बैन लगने से बचा लिया।
यशस्वी बल्लेबाज से कर रहे थे लगातार स्लेजिंग
दरअसल दलीप ट्रॉफी 2022 की एक घटना है, जब मैदान में वेस्ट जोन और साउथ जोन खेल रहे थे। अजिंक्य रहाणे वेस्ट जोन के कप्तान थे। मैदान में साउथ जोन के बल्लेबाज टी रवि तेजा बल्लेबाजी कर रहे थे और सिली पॉइंट पर खड़े यशस्वी जायसवाल लगातार स्लेजिंग करते हुए उन्हें अकसाने की कोशिश कर रहे थे। अंपायर ने वॉर्निंग दी, लेकिन जायसवाल नहीं माने और वो रवि तेजा को लगातार छेड़ते ही जा रहे थे। बल्लेबाज अंपायर से बार-बार शिकायत कर रहा था और तभी रहाणे ने एक सख्त फैसला लेते हुए जायसवाल को बाहर भेज दिया।
यह भी पढ़े- IND vs SL XI: पडीक्कल-जडेजा चमके, जायसवाल-पंत हुए फ्लॉप; ऐसा रहा अभ्यास मैच के दूसरे दिन का हाल
रहाणे ने 4 साल बाद किया इस घटना का खुलासा
इस घटना के करीब 4 साल बाद अजिंक्य रहाणे ने खुलासा किया है और इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि
“खेल में स्लेजिंग होती है और यह मजेदार भी है। लेकिन मुझे लगा कि स्थिति हाथ से निकल रही थी। मैच रेफरी 4 मैचों के बैन का लेटर लिखकर तैयार बैठे थे। उन्होंने मुझसे आकर कहा, ‘यह लेटर तैयार है, लेकिन क्योंकि तुमने अपने खिलाड़ी को खुद सजा दी, इसलिए मैं इसे फाड़ रहा हूं।’ उन्होंने मेरे सामने वह लेटर फाड़ दिया। अंत में मुझे खुशी थी कि यशस्वी को बैन नहीं झेलना पड़ा और आज वो भारत के लिए खेल रहे हैं।“
मेरा फैसला जरूर बुरा लगा होगा, लेकिन उनके करियर के लिए अच्छा था- रहाणे
रहाणे ने आगे कहा,
“गलती किसी से भी हो सकती है, लेकिन एक खिलाड़ी के रूप में आपको अपनी सीमा में रहना होता है। अगर उसे मेरा फैसला बुरा भी लगा, तो ठीक है, लेकिन उस समय उनके करियर के लिए यह सही था। मैंने उससे बस इतना कहा था कि कुछ ओवरों के लिए अंदर जाओ, अपने सिर पर बर्फ रखो और शांत होकर वापस आओ।“
इस मैच की सबसे खास बात ये रही थी कि इस मुकाबले में वेस्ट जोन के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 265 रन की पारी खेली थी और इसी के बाद यशस्वी को भारतीय टीम का बुलावा आया और 2023 में वेस्टइंडीज के दौरे पर उन्हें चुना गया था।




