दिलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव को मिली कम फीस, शमी-ईशान को ज्यादा क्यों?
भारतीय क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में से एक दिलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच में ईस्ट जोन की तरफ से ईशान किशन, मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों के साथ वैभव सूर्यवंशी भी खेले।

Vaishav Suryavanshi's salary in the Duleep Trophy: दिलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को मात देकर खिताब अपने नाम कर लिया। ईस्ट जोन की इस जीत में टीम के कई बड़े भारतीय सितारों का योगदान रहा। टीम की कमान ईशान किशन के हाथों में थी, जबकि मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा थे। लेकिन इस मुकाबले से जुड़ी एक ऐसी बात सामने आई है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है।
उपकप्तान होते हुए भी वैशव सूर्यवंशी को ईशान-शमी से मिली कम सैलरी
दरअसल, ईस्ट जोन के लिए खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी को इस मुकाबले की मैच फीस मोहम्मद शमी और ईशान किशन से कम मिली। हैरानी की बात यह है कि वैभव सिर्फ टीम के सदस्य ही नहीं, बल्कि ईस्ट जोन के उपकप्तान भी थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उपकप्तान होने के बावजूद उनकी मैच फीस कम क्यों रही? क्या टीम में उनकी भूमिका कम थी या फिर इसके पीछे कोई दूसरा नियम काम कर रहा था?
जानिए क्यों वैभव को नहीं मिल सकी ज्यादा सैलरी?
इसका जवाब BCCI के उस नियम में छिपा है, जिसके तहत घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों की मैच फीस उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट के अनुभव के आधार पर तय की जाती है। यानी खिलाड़ी की टीम में भूमिका या पद से ज्यादा मायने उसके फर्स्ट क्लास मैचों का अनुभव रखता है।
क्या है BCCI का मैच फीस नियम?
BCCI ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए मैच फीस की अलग-अलग कैटेगरी तय कर रखी है। पहली कैटेगरी में वे खिलाड़ी आते हैं, जिन्होंने 41 या उससे ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं। दूसरी कैटेगरी में 21 से 40 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले खिलाड़ी शामिल होते हैं, जबकि तीसरी कैटेगरी में 0 से 20 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले खिलाड़ी आते हैं।
घरेलू क्रिकेट के लिए बीसीसीआई के सैलरी के अलग है मापदंड
मैच फीस की बात करें तो 41 या उससे ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को प्रतिदिन 60 हजार रुपये मिलते हैं। वहीं 21 से 40 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की फीस 50 हजार रुपये प्रतिदिन है। इसके अलावा 0 से 20 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को प्रतिदिन 40 हजार रुपये मैच फीस मिलती है।
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वैभव सूर्यवंशी को क्यों मिले कम पैसे?
अब इसी नियम की वजह से वैभव सूर्यवंशी की मैच फीस मोहम्मद शमी और ईशान किशन से कम रही। वैभव अभी 0 से 20 फर्स्ट क्लास मैच वाली कैटेगरी में आते हैं। इसलिए उन्हें प्रतिदिन 40 हजार रुपये के हिसाब से मैच फीस मिली।
इसके उलट ईशान किशन और मोहम्मद शमी 41 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं। इसलिए दोनों को प्रतिदिन 60 हजार रुपये के हिसाब से मैच फीस मिली।
ईस्ट जोन की फाइनल प्लेइंग इलेवन में शामिल अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप कुमार घरामी, अनुकूल रॉय, अभिजीत सरकार और मुकेश कुमार भी 41 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाली कैटेगरी में आते हैं, इसलिए उन्हें 60 हजार रुपये प्रतिदिन मिले। वहीं कुमार कुशाग्र 21 से 40 फर्स्ट क्लास मैच वाली कैटेगरी में होने के कारण 50 हजार रुपये प्रतिदिन पाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे।
इस तरह वैभव सूर्यवंशी को कम मैच फीस मिलने का कारण उनकी टीम में भूमिका नहीं, बल्कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट का अनुभव है। यानी उपकप्तान होने के बावजूद उनकी फीस कम होना किसी भेदभाव की वजह से नहीं, बल्कि BCCI के निर्धारित मैच फीस स्ट्रक्चर के तहत हुआ।




