IND vs SL Test: सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया की बढ़ी मुश्किलें, 3 चुनौतियां करेंगी परेशान!
भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका दौरे के लिए 4 अगस्त से ही जा चुकी है और वहां जाने के बाद मैदान में जमकर मेहनत कर रही हैं, लेकिन इन तैयारियों के बीच कुछ चुनौतियां आसान नहीं होगी।

India vs Sri Lanka Team India 3 Challenges: भारतीय क्रिकेट टीमबुलंद हौंसलों के साथ श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत करने के लिए तैयार है। शुभमन गिल एंड कंपनी ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को वॉर्म-अप मैच में शानदार अंदाज में मात देकर अपनी तैयारियों को भी पुख्ता किया है। अब गॉल में 15 अगस्त को होने वाले पहले टेस्ट मैच में भी इसी तरह के आत्मविश्वास के साथ उतरेगी।
भारतीय टीम 4 अगस्त से ही श्रीलंका पहुंच गई थी और जमकर पसीना बहा रही है, लेकिन फिर भी इस टेस्ट सीरीज में चुनौतियां आसान नहीं हैं। यहां भारतीय टीम भले ही श्रीलंका से बेहतर तो मानी जा रही है, लेकिन श्रीलंका की परिस्थितियों और टीम के स्क्वाड के हिसाब से 3 ऐसी चुनौतियां सामने आने वाली है, जिससे टीम इंडिया टेंशन में आ सकती है।
#1. सटीक बॉलिंग कॉम्बिनेशन चुनना
टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती गॉल की परिस्थितियों के हिसाब से सही गेंदबाजी संयोजन चुनने की होगी। जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में भारतीय टीम अपनी पहली पसंद वाली पूरी गेंदबाजी यूनिट के साथ मैदान पर नहीं उतर पाएगी।
मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा के पास इंटरनेशनल क्रिकेट का काफी अनुभव है और इन तीनों से गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। हालांकि, टीम में मौजूद बाकी गेंदबाजों के पास टेस्ट क्रिकेट का अनुभव काफी कम है। आकिब नबी, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार और सारांश जैन ने मिलकर अब तक सिर्फ 8 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें से तीन गेंदबाजों ने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू भी नहीं किया है। ऐसे में श्रीलंका की परिस्थितियों में युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि गॉल की स्पिन मददगार परिस्थितियों को देखते हुए एक अतिरिक्त स्पिनर को मौका दिया जाए या तेज गेंदबाजी आक्रमण को ज्यादा मजबूत किया जाए।
2. मिडिल ऑर्डर का फॉर्म चिंता की वजह
भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर पर भी काफी दबाव रहने वाला है। टेस्ट मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, पुरानी गेंद और पिच पर मौजूद स्पिन बल्लेबाजों के लिए चुनौती बढ़ा सकती है। ऐसे में ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल से बड़ी और जिम्मेदार पारियों की उम्मीद होगी। अभ्यास मैच में भी पंत और जुरेल अपनी बल्लेबाजी से खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। इससे टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले मिडिल ऑर्डर को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पिछली बार WTC मुकाबलों में भी भारतीय मिडिल ऑर्डर की निरंतरता पर सवाल उठे हैं। कई मौकों पर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने की जिम्मेदारी निचले क्रम के बल्लेबाजों पर आई है। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों ने कई बार बल्ले से अहम योगदान देकर टीम को संभाला है। लेकिन इस सीरीज में सुंदर की गैरमौजूदगी के कारण मिडिल और लोअर ऑर्डर पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में पंत, जुरेल और बाकी बल्लेबाजों को अपनी जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।
3. लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में फिर से लय हासिल करना
टीम इंडिया के सामने तीसरी बड़ी चुनौती टेस्ट क्रिकेट की लय हासिल करने की होगी। भारतीय टीम ने हाल के समय में ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेला है। ऐसे में पांच दिन तक चलने वाले टेस्ट मैच की अलग तरह की चुनौतियों के लिए खुद को ढालना खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं होगा। टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ तेज शुरुआत करना ही काफी नहीं होता। बल्लेबाजों को लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करनी होती है, जबकि गेंदबाजों को लगातार कई स्पेल में दबाव बनाए रखना पड़ता है।




