मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर खड़े रहे, टीम इंडिया ने नहीं बढ़ाया हाथ! एशिया कप में बवाल
महिला एशिया कप 2026 के फाइनल मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका महिला टीम को 72 रन से हराकर 8वीं बार इस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।

Controversy surrounding the Women's Asia Cup 2026 trophy: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन फाइनल मुकाबले के बाद मैदान पर जो हुआ, उसने इस ऐतिहासिक जीत को एक अलग ही वजह से सुर्खियों में ला दिया। मुकाबला खत्म होने के बाद हर किसी को इंतजार था कि चैंपियन टीम स्टेज पर आएगी और ट्रॉफी उठाकर जीत का जश्न मनाएगी।
लेकिन प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी मैदान पर मौजूद थे, लेकिन भारतीय टीम उनके हाथों से ट्रॉफी लेने के लिए स्टेज पर नहीं पहुंची।
भारत की विमेंस ब्रिगेड ने जीता एशिया कप फाइनल
महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में भारत और श्रीलंका की टीमें आमने-सामने थीं। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रनों से हराकर खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा और श्रीलंका के खिलाफ 2024 के फाइनल में मिली हार का बदला भी पूरा कर लिया।
फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लक्ष्य तक पहुंचने का कोई मौका नहीं दिया।
प्रेजेंटेशन सेरेमनी में क्या हुआ?
फाइनल के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन शुरू होने में देरी हुई। इसके बाद पूर्व क्रिकेटर और प्रेजेंटर फरवीज महारुफ ने श्रीलंकाई टीम को स्टेज पर बुलाया। श्रीलंकाई खिलाड़ियों को मेडल दिए गए और एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने रनर-अप टीम को चेक भी भेंट किया।
इसके बाद सभी को उम्मीद थी कि अब चैंपियन भारतीय टीम स्टेज पर आएगी। लेकिन तभी प्रेजेंटर ने अचानक घोषणा कर दी कि पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी यहीं समाप्त होती है। यह ऐलान सुनकर हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि विजेता टीम को ट्रॉफी और मेडल दिए जाने बाकी थे।
इस दौरान बीसीसीआई के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला और बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया भी मौजूद थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देवजीत सैकिया ने कुछ देर तक भारतीय खिलाड़ियों से बातचीत की। इसके बाद टीम इंडिया ड्रेसिंग रूम में लौट गई।
मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से क्यों बची टीम इंडिया?
रिपोर्ट्स में पहले ही सामने आ चुका था कि भारतीय टीम मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ-साथ एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं।
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बाद में भारतीय टीम के कोच अमोल मजूमदार ने खुलासा किया कि मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला पूरी तरह से बीसीसीआई का था। यानी यह टीम इंडिया का व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि बोर्ड के स्तर पर लिया गया निर्णय था।
2025 के मेंस एशिया कप फाइनल की यादें हुईं ताजा
इस घटनाक्रम ने 2025 के मेंस एशिया कप फाइनल के बाद के दृश्य की याद दिला दी। उस समय भी ट्रॉफी को लेकर विवाद देखने को मिला था और मोहसिन नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर मैदान से बाहर चले गए थे।
हालांकि, इस बार स्थिति थोड़ी अलग रही। महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंकाई खिलाड़ियों को मेडल और रनर-अप का चेक देने के बाद मोहसिन नकवी मैदान से बाहर चले गए। इस बार वह ट्रॉफी अपने साथ लेकर नहीं गए और न ही कोई अतिरिक्त ड्रामा देखने को मिला।
भारत ने आठवीं बार जीता महिला एशिया कप
मैदान पर भारतीय टीम की उपलब्धि बेहद खास रही। श्रीलंका को 72 रनों से हराकर भारत ने आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। 183 रन बनाने के बाद श्रीलंका को 111 रन पर रोकना भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
हालांकि, जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में जो घटनाक्रम हुआ, उसने इस खिताबी जीत को एक अलग चर्चा का विषय बना दिया। अब यह मामला क्रिकेट जगत में खेल से ज्यादा खेल के बाहर के घटनाक्रम को लेकर सुर्खियां बटोर रहा है।