पारी 2, विकेट 3, रन 0... मानव सुथार ने रचा इतिहास, 131 साल बाद क्रिकेट में हुआ ऐसा कमाल!
भारतीय टीम के युवा स्पिन गेंदबाज मानव सुथार ने इसी साल अपने इंटरनेशनल करियर का डेब्यू किया है। उन्होंने इंटरनेशनल में शानदार डेब्यू करने के बाद अब काउंटी क्रिकेट में धमाल मचा रहे हैं।

Manav Suthar creates history: क्रिकेट में कई ऐसे रिकॉर्ड बनते हैं, जो आंकड़ों से ज्यादा अपनी अनोखी कहानी की वजह से याद रह जाते हैं। ऐसा ही कुछ अब भारतीय क्रिकेट के एक युवा गेंदबाज ने कर दिखाया है। एक ही मुकाबले की दोनों पारियों में विकेट हासिल करना और इसके बावजूद अपने खाते में एक भी रन न आने देना—यह कारनामा बेहद खास है। हैरानी की बात यह है कि क्रिकेट इतिहास में ऐसा कुछ 131 साल बाद देखने को मिला है।
मानव सुथार ने रचा इतिहास
भारतीय टीम के युवा स्पिन गेंदबाज मानव सुथार ने ये कमाल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट मे किया है। हाल ही में श्रीलंका के दौरे पर जबरदस्त गेंदबाजी करने वाले मानव सुथार ने इंग्लिश सरजमीं पर इतिहास रच दिया और उस कारनामें को अंजाम दिया है, जिसे 131 साल में किसी गेंदबाज ने नहीं किया है।
काउंटी क्रिकेट में किया खास कमाल, 131 साल में पहली बार
क्रिकेट में कभी-कभी गेंदबाज का कमाल विकेटों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से तय होता है कि उसने रन कितने दिए। लेकिन इंग्लैंड में खेलते हुए भारतीय स्पिनर मानव सुथार ने ऐसा कारनामा कर दिया, जो फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में बेहद दुर्लभ है। एक ही मैच की दोनों पारियों में विकेट लेना और दोनों पारियों में एक भी रन नहीं देना—यह उपलब्धि आखिरी बार 131 साल पहले देखने को मिली थी। वॉरविकशायर की ओर से खेलते हुए सुथार ने ग्लेमॉर्गन के खिलाफ कुछ ऐसा ही कर दिखाया।
पहली पारी में बिना रन दिए हासिल किया विकेट
मानव सुथार हाल ही में श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ मौजूद थे। दौरे का आखिरी मुकाबला खत्म होने के महज तीन दिन बाद वह इंग्लैंड पहुंच गए और वॉरविकशायर के लिए मैदान पर उतर गए। कार्डिफ में ग्लेमॉर्गन के खिलाफ मुकाबले में उनकी गेंदबाजी ने टीम की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई। ग्लेमॉर्गन की पहली पारी महज 69 रन पर सिमट गई। सुथार को गेंदबाजी के लिए तब लाया गया, जब टीम के 9 बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। उन्होंने अपनी तीसरी ही गेंद पर मीर हम्जा को बोल्ड कर दिया। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने एक भी रन नहीं दिया।
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दूसरी पारी में नहीं दिया कोई रन, झटके 2 विकेट
ग्लेमॉर्गन दूसरी पारी में भी वॉरविकशायर के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाया और पूरी टीम सिर्फ 65 रन पर ऑल आउट हो गई। इस बार सुथार को 24वें ओवर में गेंद सौंपी गई। उन्होंने शुरुआत ही मेडन ओवर से की और अगले ओवर में दो विकेट झटक लिए। सुथार ने क्रिस कुक को 9 रन और जेमी मैकआइरोय को बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया। इस तरह उन्होंने मैच में कुल 2.3 ओवर गेंदबाजी की और बिना कोई रन दिए 3 विकेट अपने नाम कर लिए।
131 साल बाद दोहराया गया इतिहास
सुथार का यह प्रदर्शन इसलिए और खास बन गया, क्योंकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब किसी गेंदबाज ने मैच की दोनों पारियों में विकेट हासिल किए और एक भी रन नहीं दिया।
इससे पहले इंग्लैंड के टॉम हेवर्ड ने 1895 में यह कारनामा किया था। अब 131 साल बाद मानव सुथार ने वही उपलब्धि दोहराकर अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है। वॉरविकशायर ने इस मुकाबले को पारी और 257 रन के विशाल अंतर से अपने नाम किया, लेकिन मैच की सबसे अनोखी कहानी सुथार की बिना रन दिए विकेट लेने वाली गेंदबाजी रही।




