रणजी में पंजाब किंग्स के खिलाड़ी का हैरतअंगेज कमाल, 35 साल पुराने रवि शास्त्री के रिकॉर्ड की बराबरी
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई के स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी मुशीर खान ने खास कारनामा किया है। आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेलने वाले इस खिलाड़ी ने 35 साल बाद रवि शास्त्री जैसा इतिहास दोहराया है।

Musheer Khan’s Sensational Performance in the Ranji Trophy: क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी ऐसा कारनामा देखने को मिलता है, जो दशकों तक याद रखा जाता है। रणजी ट्रॉफी में भी कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां पंजाब किंग्स से जुड़े एक खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से हर किसी को हैरान कर दिया। इस खिलाड़ी ने ऐसा कमाल किया है, जिसकी गूंज अब भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनाई दे रही है। दिलचस्प बात यह है कि इस धमाकेदार प्रदर्शन के साथ ही उसने 35 साल पुराने उस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जो कभी भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रवि शास्त्री के नाम दर्ज हुआ था। आखिर कौन है यह खिलाड़ी, जिसने घरेलू क्रिकेट में मचाया तहलका और क्या है वह ऐतिहासिक रिकॉर्ड, जिसकी बराबरी करना हर किसी के बस की बात नहीं? आइए जानते हैं।
पंजाब किंग्स के मुशीर खान का खास कमाल
यहां हम बात कर रहे हैं, आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेलने वाले 21 साल के युवा खिलाड़ी मुशीर खान की। जिन्होंने मुंबई के लिए रणजी के रण में वो हैरतअंगेज कमाल किया है, जिसे 35 साल के बाद देखा गया है। मुशीर खान ने एक ही रणजी मैच में शतक के साथ ही पारी में 6 विकेट लेने का एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर हर किसी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।
पहले बल्ले से शतक, फिर गेंद से बरपाया कहर
रणजी ट्रॉफी में मुंबई के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान ने अपने शानदार प्रदर्शन से महफिल लूट ली। हरियाणा के खिलाफ तीसरे दौर के मुकाबले में मुशीर ने पहले बल्ले से शतकीय पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और फिर गेंद थामते ही विपक्षी बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने हरियाणा की पहली पारी में छह विकेट चटकाकर टीम को 270 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। इस तरह मुशीर ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ बल्ले से ही नहीं, बल्कि गेंद से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
35 साल बाद दोहराया रवि शास्त्री का ऐतिहासिक कारनामा
मुशीर खान का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास बन गया, क्योंकि उन्होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास के एक पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। वह मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी के एक ही मैच में शतक लगाने के बाद पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले केवल छठे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह खास उपलब्धि आखिरी बार दिग्गज रवि शास्त्री ने 1990-91 के रणजी सीजन में हासिल की थी। करीब 35 साल बाद मुशीर ने उसी कारनामे को दोहराकर अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया। अब उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखा दिया है कि भारतीय क्रिकेट को इस युवा खिलाड़ी से भविष्य में काफी उम्मीदें हो सकती हैं।




