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उम्र छोटी, सपना बड़ा! वैभव से भी कम उम्र में इस लड़की ने हासिल किया WPL कॉन्ट्रैक्ट, कौन है काशवी कंडीकुप्पा?

महिला प्रीमियर लीग के अगले साल होने वाले एडिशन से पहले मिनी ऑक्शन हुआ, जहां दिल्ली कैपिटल्स ने 14 साल की उमा काश्वी को अपनी टीम में शामिल किया है।

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द्वाराKalpesh Kalal
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Who is Kashvee Kandikuppa
Who is Kashvee Kandikuppa

Who is Kashvee Kandikuppa: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिल रहा है। एक तरफ वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया का ध्यान खींच रहे हैं, तो दूसरी तरफ महिला क्रिकेट में एक बेहद कम उम्र की खिलाड़ी को WPL का कॉन्ट्रैक्ट मिलने से चर्चा तेज हो गई है। इस युवा खिलाड़ी का नाम है काश्वी कंडीकुप्पा, जिनकी कम उम्र में मिली इस उपलब्धि ने क्रिकेट फैंस की दिलचस्पी बढ़ा दी है।

WPL 2027 ऑक्शन में उमा काश्वी को मिली एन्ट्री

महज इतनी कम उम्र में महिला प्रीमियर लीग जैसी बड़ी प्रतियोगिता से जुड़ने का मौका मिलना किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए खास उपलब्धि है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर काश्वी कंडीकुप्पा कौन हैं, वह किस टीम का हिस्सा बनी हैं और उनके खेल में ऐसा क्या खास है, जिसने उन्हें इतनी कम उम्र में सुर्खियों में ला दिया?

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WPL में सिर्फ 14 साल की उम्र में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने को तैयार काश्वी

महिला प्रीमियर लीग 2027 के मिनी ऑक्शन में जहां कुछ बड़े नामों पर जमकर पैसा बरसा, वहीं एक युवा खिलाड़ी ने अपनी उम्र की वजह से हर किसी का ध्यान खींच लिया। हम बात कर रहे हैं कर्नाटक की ऑलराउंडर काश्वी कंडीकुप्पा की, जिन्हें उमा काश्वी के नाम से भी जाना जाता है। कोच्चि में हुई नीलामी के दौरान दिल्ली कैपिटल्स ने काश्वी पर भरोसा जताते हुए उन्हें उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपये में अपनी टीम से जोड़ लिया।

इस खरीद के साथ ही काश्वी ने एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। वह WPL कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। ऐसे में अब फैंस की निगाहें इस युवा प्रतिभा पर होंगी कि वह इतने बड़े मंच पर अपने प्रदर्शन से किस तरह छाप छोड़ती हैं।

कौन है काश्वी कुंडीकुप्पा?

9 अप्रैल 2011 को जन्मीं काश्वी कंडीकुप्पा की कहानी भारतीय क्रिकेट में उभरती नई पीढ़ी की प्रतिभा की मिसाल है। दिलचस्प बात यह है कि उनका जन्म भारतीय टीम के वनडे विश्व कप 2011 का खिताब जीतने के ठीक सात दिन बाद हुआ था। उम्र के लिहाज से काश्वी, वैभव सूर्यवंशी से भी छोटी हैं, जिन्होंने महज 14 साल की उम्र में आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। वहीं, महिला प्रीमियर लीग में काश्वी ने हरियाणा की दीया यादव का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। दीया को 2025 के ऑक्शन में 16 साल की उम्र में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था। अब काश्वी की कम उम्र में मिली इस उपलब्धि ने उन्हें महिला क्रिकेट की उभरती प्रतिभाओं के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।

अंडर-15 टूर्नामेंट में किया था बल्ले से धमाका

काश्वी कंडीकुप्पा की पहचान सिर्फ उनकी कम उम्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके शानदार प्रदर्शन ने भी उन्हें सुर्खियों में पहुंचाया है। दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाली और ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाली काश्वी ने बीसीसीआई महिला अंडर-15 वनडे टूर्नामेंट में अपने बल्ले का दम दिखाते हुए 172 की औसत से 516 रन ठोक दिए थे। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और एक अर्धशतक निकला। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, काश्वी ने कर्नाटक में अपने आयु वर्ग के क्रिकेट में 530 मैच खेलते हुए 13 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं, जिसमें 24 शतक और 68 अर्धशतक शामिल हैं।

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उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह कर्नाटक की अंडर-15 टीम की कप्तानी भी कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने महारानी ट्रॉफी में बेंगलुरु ब्लास्टर्स की अगुआई भी की है। अब दिल्ली कैपिटल्स से WPL कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद इस युवा ऑलराउंडर के करियर पर हर किसी की नजरें टिक गई हैं।

7 साल की उम्र से ही क्रिकेट के मैदान पर दिखाने लगी थीं दम

काश्वी कंडीकुप्पा का क्रिकेट से जुड़ाव बचपन में ही हो गया था। उन्होंने महज सात साल की उम्र में अपने घर के पास मौजूद एक क्रिकेट अकादमी में खेलना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उनका जुनून बेहतर प्रदर्शन में बदलता गया और अब वह WPL जैसे बड़े मंच तक पहुंच गई हैं। खास बात यह है कि नीलामी से पहले काश्वी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कैंप में भी ट्रेनिंग कर चुकी हैं। डेक्कन हेराल्ड से बातचीत में उन्होंने बताया कि RCB के कैंप में मिले अनुभव ने उन्हें मैदान पर आक्रामक अंदाज अपनाने के साथ-साथ खुद पर भरोसा रखना भी सिखाया। अब दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलने का मौका मिलने के बाद काश्वी के सामने अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर साबित करने की नई चुनौती होगी।

 

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