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क्रिकेट के वो 3 रिकॉर्ड, जहां आज भी है राहुल द्रविड़ की हुकुमत

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने अपने करियर में एक से एक ऐतिहासिक कारनामें किए हैं, जिसमें कुछ ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिस पर उनका राज चलता है।

Rahul Dravid
Rahul Dravid

Rahul Dravid's World Records: क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़े नहीं होते, बल्कि किसी खिलाड़ी की महानता की पूरी कहानी बयां करते हैं। भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का नाम भी ऐसे ही रिकॉर्ड्स के साथ जुड़ा है। दुनिया उन्हें द वॉलकहती थी और टेस्ट क्रिकेट में उनका धैर्य ऐसा था कि एक बार क्रीज पर जम गए तो अंगद के पैर की तरह अड़ जाते थे। इसके बाद गेंदबाजों के लिए उन्हें हटाना किसी चुनौती से कम नहीं होता था।

राहुल द्रविड़ ने अपने करियर में एक से एक ऐतिहासिक कारनामें किए हैं, लेकिन सचिन तेंदुलकर के समकालिन होने के कारण उनके रिकॉर्ड्स सचिन के कीर्तिमानों के आगे दब जाते थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट के 3 ऐसे वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं, जिनमें बड़े-बड़े दिग्गज भी उनसे पीछे रह गए? जिसमें सचिन क्या, पोंटिंग क्या, और क्या लारा और कैलिस, द्रविड़ के आगे इनमें से कोई नहीं टिक पाया। तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं मिस्टर रिलायबल राहुल द्रविड़ के 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड के बारे में।

 #1. क्रीज पर सबसे ज्यादा समय बिताने का भी रिकॉर्ड

राहुल द्रविड़ की बल्लेबाजी को समझने के लिए सिर्फ उनके रन और शतक देखना काफी नहीं है। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह थी कि एक बार क्रीज पर पैर जमाने के बाद उन्हें आउट करना गेंदबाजों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता था।

टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करते हुए द्रविड़ ने कुल 44,152 मिनट क्रीज पर बिताए। इस मामले में भी वह क्रिकेट इतिहास में सबसे आगे हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर के दौरान 41,304 मिनट बल्लेबाजी की। यानी इस आंकड़े में भी द्रविड़ ने सचिन को पीछे छोड़ दिया। द्रविड़ की लंबी पारियां विपक्षी टीम के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होती थीं। वह गेंदबाजों को लगातार गेंदबाजी करने के लिए मजबूर करते और अपनी पारी को इतनी मजबूती से आगे बढ़ाते कि विपक्षी टीम का धैर्य भी जवाब देने लगता था।

 #2. टेस्ट गेंदें खेलने में द्रविड़ से आगे कोई नहीं

 टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज कितनी गेंदों का सामना करता है, यह उसकी बल्लेबाजी के धैर्य और लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की क्षमता का बड़ा संकेत माना जाता है। इस मामले में राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड बेहद खास है। अपने टेस्ट करियर के दौरान द्रविड़ ने 31,258 गेंदों का सामना किया, जो टेस्ट क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे ज्यादा गेंदें हैं। यानी उन्होंने अपने करियर में गेंदबाजों की हजारों गेंदों को अपनी मजबूत तकनीक के दम पर झेला।

 इस सूची में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर दूसरे स्थान पर हैं। सचिन ने अपने टेस्ट करियर में 29,437 गेंदों का सामना किया। इस तरह द्रविड़ ने सचिन से करीब 1800 ज्यादा गेंदें खेलीं। यह आंकड़ा सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि द्रविड़ की बल्लेबाजी की पहचान भी है। वह जल्दबाजी में बड़े शॉट लगाने के बजाय गेंद को समझने, उसका सम्मान करने और धीरे-धीरे अपनी पारी को मजबूत करने के लिए जाने जाते थे।

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#3. शतकीय साझेदारियों में भी द वॉलका दबदबा

राहुल द्रविड़ सिर्फ खुद लंबी पारियां खेलने के लिए ही मशहूर नहीं थे, बल्कि दूसरे बल्लेबाजों के साथ मिलकर बड़ी साझेदारियां बनाने में भी उनका कोई जवाब नहीं था। टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ ने 88 बार 100 या उससे ज्यादा रन की साझेदारी की। इस आंकड़े के साथ वह इस मामले में सबसे ऊपर हैं।

सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में 86 शतकीय साझेदारियां कीं। यानी दोनों दिग्गजों के बीच अंतर सिर्फ दो साझेदारियों का रहा, लेकिन रिकॉर्ड द्रविड़ के नाम दर्ज है। इस रिकॉर्ड की एक और दिलचस्प कड़ी द्रविड़ और सचिन की जोड़ी है। दोनों ने साथ खेलते हुए टेस्ट क्रिकेट में 20 शतकीय साझेदारियां की थीं। लंबे समय तक इन दोनों की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकतों में से एक रही। राहुल द्रविड़ के ये आंकड़े बताते हैं कि द वॉलसिर्फ एक निकनेम नहीं था। उनका पूरा टेस्ट करियर ही धैर्य, मजबूती और विपक्षी गेंदबाजों को लगातार चुनौती देने वाला बनाया है।

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Kalpesh Kalal

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