शुभमन गिल की सोच पर लगी मुहर! ECB ने शुरू किया मास्टर प्लान, ODI में लौटेगा पुराना रोमांच
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड दौरे पर वनडे क्रिकेट में रोमांच लाने के लिए एक खास सुझाव दिया था, जिसे अब ईसीबी सीआई रिचर्ड गोल्ड का समर्थन मिला है।

Shubman Gill's ODI tri-series plan is underway: टी20 फॉर्मेट मौजूदा समय में फैंस का सबसे चहेता फॉर्मेट बन गया है, लेकिन वनडे क्रिकेट का क्रेज किसी से छुपा नहीं है और ये वो फॉर्मेट है, जो हर किसी को खूब भाता है। 1971 में वनडे क्रिकेट की शुरुआत होने के बाद इस फॉर्मेट में समय के साथ कईं बदलाव देखने को मिले। जहां पहले ये प्रारूप 60 ओवर का खेला जाता था और इसे बाद में 50 ओवर का कर दिया गया।
शुभमन गिल की सुझाव से बदलेगा वनडे का रोमांच
50 ओवर के क्रिकेट को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने जो बात कुछ समय पहले कही थी, अब उस पर अमल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले महीनें वनडे सीरीज के बाद टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज ने ODI क्रिकेट को रोमांचक बनाए रखने के लिए सिर्फ फॉर्मेट के ओवर कम करने के बजाय बाइलेट्रल सीरीज की जगह ट्राई-सीरीज या क्वाड्रेंगुलर टूर्नामेंट को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था।
अब वनडे में फिर से आएगी ट्राई सीरीज का फॉर्मेट
जिसे लेकर अब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से सामने आई खबर ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। ECB के सीईओ रिचर्ड गोल्ड ने संकेत दिया है कि अगले 12 से 18 महीनों में ODI ट्राई-सीरीज आयोजित करने की योजनाओं पर काम चल रहा है। यानी जिस फॉर्मेट को गिल ने अपने बचपन की यादों और ODI क्रिकेट के भविष्य से जोड़ते हुए वापस लाने की पैरवी की थी, वह अब दोबारा मैदान पर लौटता हुआ दिखाई दे सकता है।
ECB के सीईओ ने दिया ट्राई सीरीज होने का संकेत
ECB के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गोल्ड ने शुभमन गिल के उस सुझाव का समर्थन किया है और इस पर योजना बनाएं जाने की बात कही है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार रिचर्ड गोल्ड ने साफ शब्दों में कहा है कि अगले 12 से 18 महीनों में वनडे ट्राई सीरीज कराने पर काम किया जा रहा है और सबकुछ सही रहता है तो इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के बीच ये सीरीज कराई जा सकती है।
गिल ने इंग्लैंड दौरे पर कहा था- ट्राई सीरीज देखना मजेदार
आपको बता दें कि शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खत्म होने के बाद का था,
"एक बात यह है कि हम बहुत सारी ट्रायंगुलर सीरीज खेलते थे और उन्हें देखना वाकई मजेदार होता था। भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका उन टूर्नामेंट में खेलते थे।
"अगर मुझे कभी ट्रायंगुलर सीरीज़ में खेलने का मौका मिलता है, तो यह मजेदार होगा क्योंकि आप लगातार एक ही टीम के ख़िलाफ़ नहीं खेल रहे होते हैं। अगर हम इस फॉर्मेट को और दिलचस्प बनाना चाहते हैं, तो बाइलेट्रल सीरीज के बजाय हम ट्रायंगुलर या क्वाड्रैंगुलर सीरीज़ खेल सकते हैं।"




